‘ब्रेस्टफीडिंग रूम’ उपलब्ध कराने वाला पहला भारतीय स्मारक बनेगा ‘ताज महल’

एएसआई का कहना है कि यह पहली बार है जब भारत के 3,600 से ज्यादा स्मारकों में से किसी में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक शीर्ष अधिकारी वसंत कुमार ने कहा कि ताज महल में जुलाई महीने बेबी फीडिंग रूम की सुविधा उपलब्ध होने लगेगी. जिसका फायदा यहां आने वाली लाखो महिलाओं को होगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 17वीं सदी के इस स्मारक पर नियमित आने वाले इस शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उन्हें पिछले सप्ताह यह विचार आया जब उन्होंने एक मां को सीढ़ी के नीचे छिपते हुए अपने बच्चे को स्तनपान कराते हुए देखा. जिसको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.

उन्होंने कहा, “मैं देख सकता था कि उसको इसमें काफी (अपने बच्चे को स्तनपान कराना)परेशानी हो रही थी, जबकि यह मातृत्व का एक बुनियादी अधिकार है. इसलिए मैंने सोचा कि हमें कुछ करना चाहिए.” सार्वजनिक स्तनपान अभी भी भारत में एक सामाजिक कलंक के तौर पर देखा जाता है.

सार्वजनिक ब्रेस्टफीडिंग के लिए होते रहे हैं आंदोलन

पिछले साल, कोलकाता में महिलाओं ने एक मॉल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जहां कर्मचारियों ने एक महिला को अपने बच्चे को शौचालय में जाकर स्तनपान कराने के लिए कहा था और उसकी शिकायत का भी मजाक उड़ाया था.

लगभग 80 लाख लोग हर साल आगरा में ताज महल घूमने के लिए आते हैं. आगरा में दो और ऐतिहासिक इमारतें हैं. ऐसे में वसंत कुमार ने कहा कि उन्होंने आगरा में दो अन्य ऐतिहासिक स्मारकों को इसी तरह के फीडिंग रूम बनाने के आदेश दिए हैं. इसपर एएसआई का कहना है कि यह पहली बार है जब भारत के 3,600 से ज्यादा स्मारकों में से किसी में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

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