इस खास तरीके से तमिलनाडु में हो रहा Covid-19 मरीजों का इलाज, मंत्री का दावा- 100 फीसदी रिकवरी रेट

चेन्नई (Chennai) के एक कोविड-19 केंद्र (Covid-19 Center) में 25 मरीजों की सफल रिकवरी के बाद अब राज्य सरकार शहर के व्यासपदी में स्थित अम्बेडकर कॉलेज में एक कोरोनवायरस हॉटस्पॉट (Coronavirus Hotspot) में इसका विस्तार करने जा रही है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:34 am, Thu, 25 June 20
PS- PTI

तमिलनाडु में कोरोनावायरस (Coronavirus in Tamil Nadu) के मामलों ने 64 हजार का आंकड़ा पार कर लिया है. ऐसे में सरकार राज्य के मूल ‘सिद्ध ट्रीटमेंट’ (Siddha Treatment) का सहारा ले रही है, ताकि कोरोनावायरस (Coronavirus) से निपटा जा सके. राज्य सरकार का दावा है कि हल्के लक्षण और एसिम्टोमैटिक वाले मरीजों के इलाज में सिद्ध ट्रीटमेंट की मदद ली जा रही है और इससे 100 फीसदी मरीज ठीक हुए हैं.

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सिद्ध इलाज पर उठ रहे सवाल

चेन्नई के एक कोविड-19 केंद्र में 25 मरीजों की सफल रिकवरी के बाद अब राज्य सरकार शहर के व्यासपदी में स्थित अम्बेडकर कॉलेज में एक कोरोनवायरस हॉटस्पॉट में सिद्ध ट्रीटमेंट के उपयोग का विस्तार करने जा रही है.

हालांकि इस ट्रीटमेंट को लेकर काफी सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि मंगलवार को बाबा रामदेव ने भी कोरोनावारस के इलाज के लिए कोरोनिल दवा लॉन्च की थी. पतंजलि का दावा था कि ये दवा सात दिनों के अंदर मरीज को ठीक कर देगी. पर आयुष मंत्रालय ने जांच पूरी होने तक इस दवा के विज्ञापन पर रोक लगा दी है. ऐसा में जब आयुष मंत्रालय ने एक आयुर्वेद दवा पर रोक लगाई है तो तमिलनाडु में सिद्ध ट्रीटमेंट कैसे चल सकता है.

मंत्री का 100 फीसदी सफल इलाज का दावा

तमिलनाडु के मंत्री के पंड्याराजन ने एक चैनल से बातचीत में दावा किया कि सिद्ध ट्रीटमेंट की सफलता दर 100 फीसदी है. उन्होंने कहा, “सिद्ध इलाज 100 फीसदी सफल रहा है. हम किसी मरीज की जान जोखिम में नहीं डाल रहे. यह हमारे लिए एक ट्रंप कार्ड है. हम इलाज के लिए सिद्ध, योग और आयुर्वेद का मिश्रण का प्रयोग कर रहे हैं. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है लेकिन इसका एक इतिहास रहा है.”

मंत्री ने आगे कहा कि केवल तीन फीसदी मामलों में लोगों को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है. ऐसे मामलों में ऐलोपैथी की जरूरत पड़ती है. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हम सिद्ध ट्रीटमेंट केवल उन्हीं मामलों में कर रहे हैं, जिन्हें हल्के लक्षण या जो एसिम्टोमैटिक हैं. जिनका इलाज किया जा रहा है वो खुश हैं.

क्या है सिद्ध इलाज?

तमिलनाडु में ‘सिद्ध’ इलाज का फेमस हैं. इसकी एक पारंपरिक और प्राचीन पद्धति है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों जैसे तनाव, नींद न आना, ब्लड प्रेशर आदि के लिए किया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि लगभग चार हजार साल पहले यह पद्धति तमिलनाडु में अस्तित्व में आई थी.

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