टाटा ट्रक खरीद मामला: रिटायर्ड ले. जनरल पर आरोप तय, कोर्ट बुलाए जा सकते हैं जनरल VK सिंह

मामले में आरोपी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट तेजिंदर सिंह ने मामले को बेबुनियाद और गलत बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

नई दिल्ली: दिल्ली के राउज एवेन्यू की स्पेशल CBI कोर्ट ने टाटा ट्रक खरीद मामले में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 12 के तहत आरोप तय कर दिए है. तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल वी.के सिंह ने रिटायर्ड लेफ्टिनेट जनरल तेजिंदर सिंह पर 14 करोड़ की रिश्वत की पेशकश का आरोप लगाया था.

इस मामले में 9 और 10 अक्टूबर को कोर्ट में केस से संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे. मामले में पूर्व रक्षामंत्री ऐ. के. एंटनी और शिकायतकर्ता जनरल वी. के. सिंह को भी कोर्ट में बुलाया जा सकता है.

मामले में आरोपी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट तेजिंदर सिंह ने मामले को बेबुनियाद और गलत बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

क्या है मामला?

जनरल वी. के. सिंह ने 2012 में टाट्रा ट्रक खरीदने के मामले में रिश्वत के आरोप लगाते हुए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. CBI ने दो साल तक जांच करने के बाद 2014 में तेजिंदर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, 22 सितंबर 2010 में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने तत्तकालीन सेनाध्यक्ष वीके सिंह से मिलकर 600 टाट्रा ट्रकों की खरीद को हरी झंडी देने के लिए 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी.

सेनाध्यक्ष ने तत्काल इसकी पूरी जानकारी तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी को दे दी थी. मार्च 2012 में जनरल वीके सिंह द्वारा मीडिया में मामले को सार्वजनिक करने के बाद हंगामा हुआ और CBI ने मामले की जांच शुरू कर दी थी.

 

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