खूंखार आतंकी जाकिर मूसा का ऑडियो मैसेज आया सामने, बोला- कश्मीर का फैसला सिर्फ जिहाद से होगा

मूसा का असली नाम ज़ाकिर रशीद भट है लेकिन मीडिया में उन्हें ज़ाकिर मूसा के नाम से जाना जाता है. एक बेहद पढ़े-लिखे परिवार से आने वाले मूसा ने चंडीगढ़ के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी.

नई दिल्ली: खूंखार आतंकी ज़ाकिर मूसा का ऑडियो मैसेज सामने आया है. मूसा इस ऑडियो में पाकिस्तान के कई आतंकी संघटनों के बंद किये जाने और उनको वितीय सहायता ना दिए जाने से बौखला गया है. कश्मीर का पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से मूसा ही वहां का पोस्टर ब्वॉय बना हुआ है.

डेढ़ मिनट के इस ऑडियो क्लिप में मूसा की बौखलाहट साफ नजर आ रही है. मूसा इस ऑडियो में बोलता है, ‘ मेरे मुजाहिद्दीन साथियों आज हम उस दौर में हैं जहां कश्मीर के जिहाद के खिलाफ बहुत सारी साजिशे हो रही हैं. इस जिहाद को खत्म करने की कोशिश हो रही है और मुजाहिद्दीनों को सर्दखानों में डालने की कोशिशे हो रही हैं. अमरीका की शाहगिर्दगी में पाकिस्तान और हिंदुस्तान दोनों मिलकर न सिर्फ इस जिहाद को कमजोर करने बल्कि खत्म करने की साजिश में हैं. इसलिए होशियार हो जाइए. हमारे पास इत्तला भी है कि बहुत सारी तंजीमें हैं जिनपर रैकडाउन शुरु हो चुके हैं. ये उसी साजिश की एक कड़ी है. अगर इस जिहाद को आज खत्म किया जाएगा तो इसके कुसूरवार हम भी होंगे. और हमसे पूछा जाएगा कि हमने इसकी हिफाजत क्यों नहीं की. ”

मूसा के इस ऑडियो क्लिप में इतनी बात मूसा कहता है उसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के स्पीच की कुछ लाईने जोड़ी जाती हैं. इसमें इमरान खान पुलवामा हमले के बाद भारत से बातचीत की बात कर हल निकालने की बात दोहराते हैं. इसके बाद फिर से आतंकी मूसा का ऑडियो क्लिप आता है. मूसा कहता है, “इस बात से मैं आपको वाजिया कर दूं कि कश्मीर का फैसला सिर्फ जिहाद से होगा. और इसका फैसला इस बात पर होगा कि हिंदुस्तान पर इस्लाम का परचम बुलंद हो जाए. कश्मीर के साथ-साथ पूरे वर्शिदे पर शरियत का हिफाज हो. इस फैसले के अलावा कोई भी फैसला या कोई भी एग्रीमेंट कोई भी ट्रिटी कोई भी फॉर्मूला इस्लामियाने कश्मीर को मंजूर नहीं है.”

पाकिस्तान सरकार की पहल
डेढ़ मिनट के इस ऑडियो में आतंकी मूसा ने ये सब बातें कही हैं. गौरतलब है कि पाकिस्तानी अखबारों के मुताबिक 32 साल बाद 12 से अधिक आतंकी संघटनों के मुख्य कार्यालयों को हाल ही में सील कर दिया गया हैं और यह प्रयास बीते 32 वर्षों में पहली बार देखे गए हैं.

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कौन है आतंकी मूसा
मूसा का असली नाम ज़ाकिर रशीद भट है लेकिन मीडिया में उन्हें ज़ाकिर मूसा के नाम से जाना जाता है. एक बेहद पढ़े-लिखे परिवार से आने वाले मूसा ने चंडीगढ़ के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी. ये साल 2013 की बात है. फिर वो कश्मीर में हिज़बुल मुजाहिदीन का हिस्सा बन गए और कई रिपोर्टों में इस ओर इशारा किया गया है कि मूसा में जिहादी भावना कूट-कूट कर भरी थी.

नए जिहादी गुट की घोषणा
एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक चरमपंथी संगठन अल-कायदा ने भारत प्रशासित कश्मीर में नए जिहादी गुट के गठन की घोषणी की है. नए गुट का नाम ‘अंसार ग़ज़वात-उल-हिंद’ है और इसकी कमान एक स्थानीय चरमपंथी कमांडर ज़ाकिर मूसा को सौंपी गई है.

सोशल मीडिया का माहिर है मूसा
ज़ाकिर मूसा इससे पहले चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ था. कहा जाता है कि 2016 में बुरहान वानी के सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसने कश्मीर में हिज़बुल की कमान संभाली थी. मूसा की उम्र 20 से 30 के बीच बताई जा रही है. कश्मीरी चरमपंथियों की नई पौध की नुमाइंदगी करने वाले मूसा अपने मैसेज सोशल मीडिया के ज़रिए फैलाने में माहिर माना जाता है.