हादसे का शिकार हुए सीएसटी ब्रिज का 26/11 हमले से क्या है नाता?

26/11 हमले के दौरान आतंकियों ने सीएसटी टर्मिनस के पैसेंजर हॉल में अंधाधुन फायरिंग की थी. साथ ही उन्होंने भीड़ पर ग्रेनेड भी फेंके थे, जिसमें 58 लोग मारे गए और 104 अन्य घायल हुए थे.

नई दिल्ली: मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को फुटओवर ब्रिज गिर गया. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और 31 लोग घायल हुए. ये वही फुटओवर ब्रिज है जिसके जरिए 26/11 हमले के दौरान आतंकी अजमल आमिर कसाब ने इस्तेमाल किया था. कसाब सीएसटी से होते हुए मोकामा की ओर गया था.

26/11 हमले के दौरान आतंकियों ने सीएसटी टर्मिनस के पैसेंजर हॉल में अंधाधुन फायरिंग की थी. साथ ही उन्होंने भीड़ पर ग्रेनेड भी फेंके थे, जिसमें 58 लोग मारे गए और 104 अन्य घायल हुए थे.

जर्नलिस्ट श्रीराम वर्नेकर ने कसाब की उस वक्त तस्वीर ली थी जब वो इस फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल कर रहा था. ये तस्वीरें बाद में आतंकी को सजा दिलाने में काफी काम आई थीं.

वर्नेकर ने बताया था कि 26 नवंबर की रात उन्होंने गोलीबारी की आवाज सुनी थी, जिसके बाद वो अपने ऑफिस की इमारत से मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा था, “मैंने दो आतंकियों को स्टेशन के अंदर अंधाधुंध फायरिंग करते देखा. वो दोनों वहां लगातार गोलियां चला रहे थे. इसके बाद दोनों बंदूकधारी सीएसटी से टीओआई भवन की ओर जाने लगे.”

वर्नेकर ने अदालत को बताया था कि कम रोशनी की वजह से उन्होंने तस्वीर लेने के लिए एक फ्लैश का इस्तेमाल किया था. जैसे ही फ्लैश की रोशनी कसाब पर पड़ी तो उसने तुरंत ही उनकी दिशा में मुड़कर इमारत की ओर गोलियां फायर करने लगा लेकिन वो बच गए.

मुंख्यमंत्री ने लिया सख्त एक्शन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को तत्काल जांच कर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के गिरने के पीछे जिम्मेदार लोगों की ‘शाम तक प्राथमिक जिम्मेदारी तय’ करने को कहा है. मुख्यमंत्री ने उस सुरक्षा ऑडिट का पुनरीक्षण करने को कहा, जिसने सीएसटीएम पुल को सुरक्षित घोषित किया था, लेकिन यह गुरुवार को शाम 7.40 बजे गिर गया.