पुलवामा से भी भयानक हमले की फिराक में आतंकी संगठन ‘जैश’, सेना अलर्ट

Share this on WhatsAppपाकिस्तान में बैठे जैश के सरगना और कश्मीर के बैठे आतंकी अब आतंक की नई साजिश रच रहे हैं. वो साजिश है पुलवामा में हुए आतंकी हमले से भी बड़े आतंकी हमले की. लेकिन साजिश के इस खेल का खुफिया एजेंसियों ने खुलासा कर दिया है. खुफिया एजेंसियों ने आतंक के आकाओं के […]

पाकिस्तान में बैठे जैश के सरगना और कश्मीर के बैठे आतंकी अब आतंक की नई साजिश रच रहे हैं. वो साजिश है पुलवामा में हुए आतंकी हमले से भी बड़े आतंकी हमले की. लेकिन साजिश के इस खेल का खुफिया एजेंसियों ने खुलासा कर दिया है. खुफिया एजेंसियों ने आतंक के आकाओं के बातचीत को इंटरसेप्ट करने के बाद यह खुलासा किया है. खुफिया एंजेसियों के सूत्रों के मुताबिक बीते 16-17 फरवरी को पाकिस्तान में बैठे जैश के सरगनाओं और कश्मीर में आतंकियों के बीच हुई बातचीत हुई थी.

इसी बातचीत को खुफिया एंजेसियों ने इंटरसेप्ट किया है. बातचीत से पता चला है कि जैश के आतंकी देश के अन्य हिस्सों में पुलवामा से भी बड़े हमले की तैयारी में हैं. सूत्रों के मुताबिक जैश के आतंकी एक और बड़ा हमला कर भारतीय सैनिकों को निशाना बनाने की तैयारी में जुट गए हैं.

दिसंबर में ही हुई थी घुसपैठ
आपको बता दें कि मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बीते साल दिसंबर में जैश-ए-मोहम्मद के करीब 21 आतंकी कश्मीर में घुसपैठ करने में कामयाब हो गए थे. इन सभी आतंकियों का मकसद कश्मीर घाटी के साथ 3 अन्य जगहों पर बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना है.

आतंकी को ‘नायक’ बनाने के लिए वीडियो रिलीज करने की तैयारी
जैश के सरगना और आतंकियों के बातचीत से ये भी खुलासा हुआ है कि पुलवामा हमले का एक वीडियो भी बनाया गया है. इस वीडियो में पुलवामा हमले का आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को नायक के रूप में दिखाया गया है. इस वीडियो को रिलीज करने का मकसद कश्मीर घाटी में मौजूद युवाओं को बरगलाना है. मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस वीडियो के जरिए जैश को घाटी में युवा आतंकियों की फौज खड़ी करने में आसानी होगी. क्योंकि इस वीडियो को देखकर युवा आतंकी आत्मघाती हमलावर बनने के लिए प्रेरित होगा.

हम पूरी तरह से अलर्ट पर जम्मू पुलिस
जम्मू पुलिस का कहना है कि ये आतंकियों की मनोवैज्ञानिक चाल हो सकती है. लेकिन फिर भी हम किसी तरह की कोताही नहीं बरत रहे हैं. पुलिस का कहना है कि हम पूरी तरह से अलर्ट है ताकि आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब ना हो सके. आपको बता दें कि पुलवामा में बीते 14 फरवरी को आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद देश में इस हमले के खिलाफ काफी गुस्सा है.

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