यूएन में भारत का खुलासा, कोरोनाकाल में आतंकियों के निशाने पर स्वास्थ्यकर्मी

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) में भारत ने आतंकवाद (Terrorism) को लेकर बड़ा खुलासा किया है. भारत ने कोरोनोकाल (Covid-19) के दौरान आतंकवादियों की रणनीति के बारे में बताया है.

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) में भारत ने आतंकवाद (Terrorism) को लेकर बड़ा खुलासा किया है. भारत ने कोरोनोकाल (Covid-19) के दौरान आतंकवादियों की रणनीति के बारे में बताया है. भारत ने मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council) के 45वें सत्र में कहा कि आतंकी कोरोना महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के कारण वित्तीय और भावनात्मक संकट का फायदा उठाने और सामाजिक समरसता को बिगाड़ने और अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बाधे (Pawan Badhe) ने मानवाधिकार परिषद के 45वें सत्र में कहा कि आतंकी समूहों ने अब अपनी रणनीति में बदलाव किया है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी अब अपने गुर्गों को सुरक्षा बलों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर हमले करने के लिए उकसा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवाद और भी ज्यादा बढ़ रहा है.उन्होंने कहा कि आतंकवादी घृणा फैलाने वाले भाषणों, फर्जी समाचारों और गलत सिद्धांतों के माध्यम से गलत सूचना प्रसारित करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं.

भारत का एक और खुलासा

मानवाधिकार परिषद में भारत ने आतंकवादियों की रणनीति को लेककर एक और खुलासा किया है. संयुक्त राष्ट्र जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बाधे ने मानवाधिकार परिषद में कहा कि आतंकी संगठन धार्मिक गतिवि​धियों रकम जुटा रहे हैं.

भारत ने दावा किया कि आतंकियों द्वारा धर्मार्थ गतिविधियों के लिए जुटाई जा रही रकम का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए किया जाएगा. वहीं भारत ने कहा कि आतं​की नफरत फैलाने वाले भाषणों और फर्जी खबरों से सोशल मीडिया और वहां मौजूद लोगों को निशाना बना रहे हैं.

भारत ने कहा कि आतंकवाद के कारण मानवाधिकारों पर पड़ने वाले दुष्‍प्रभावों पर परिषद को ध्‍यान देना होगा. भारत ने चेताया कि इस वक्त आतंकी विचारधाराओं से बच्चों और युवाओं को ज्यादा खतरा है. बच्चों और युवाओं में जागरूकता पैदा करने के लिए साझा प्रयास करने होंगे.

Related Posts