जम्मू-कश्मीर के अख़बारों में छपे Article 370 हटाने के फायदे

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक बड़ा हमला हुआ. जिसमें 400 जवानों की मौत हुई थी. इस घटना के कुछ दिन बाद से ही सरकार ने घाटी के लोकल अखबारों को सभी तरह के सरकारी एड देने बंद कर दिए थे.

श्रीनगर: घाटी के चर्चित अंग्रेजी अख़बार ग्रेटर कश्मीर सहित कई अखबारों में सरकार की ओर से आर्टिकल 370 जुड़े विज्ञापन दिए गए हैं. 5 अगस्त को सरकार ने जम्मू-कश्मीर से स्पेशल स्टेटस देने वाले आर्टिकल 370 को पूरी तरह से खत्म कर दिया था. जिसके बाद से घाटी में बड़ी संख्या में सेना लगी है और कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है.

जनता के बीच जागरूकता फैलाना

आर्टिकल 370 हटाए जाने के करीब 40 दिन बाद सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख अख़बारों में यह विज्ञापन दिया गया है. इस तरह के एड का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की जनता के बीच जागरूकता फैलाना और बताना है किस तरह से आर्टिकल 370 का हटना उनके लिए फायदेमंद है.

हालांकि कश्मीरी नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 अगस्त के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट और लैंडलाइन की सेवाएं बंद की गईं थीं, जिन्हें फिलहाल कई जगहों पर दोबारा शुरू कर दिया गया है.

सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अख़बार

रिपोर्टस के अनुसार सरकार ने ये एड कश्मीर डिवीज़न के 15 अखबार और जम्मू डिवीज़न के 15 अखबारों में दिए हैं. ग्रेटर कश्मीर, जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अंग्रेजी अख़बार है.

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक बड़ा हमला हुआ. जिसमें 400 जवानों की मौत हुई थी. इस घटना के कुछ दिन बाद से ही सरकार ने घाटी के लोकल अखबारों को सभी तरह के सरकारी एड देने बंद कर दिए थे.

8 महीने बाद सरकार ने दिए विज्ञापन

सरकार की तरफ से एड न दिए जाने के कारण कश्मीर के कई अख़बारों ने काफी विरोध किया था. विरोध में कई अख़बारों ने अपने फ्रंट पेज खाली छोड़ दिए थे. हालांकि इसके लिए सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी. करीब 8 महीने बाद सरकार ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रीय अख़बारों को एड देना शुरू कर दिए हैं.

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