पीठ पीछे से घात लगाने का खेल अब और नहीं… भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को दी लास्ट वॉर्निंग

LAC पर चीनी सैनिक अभी उसी तरह फड़फड़ा रहे हैं, जैसे दीया बुझने से पहले फड़फड़ाता है क्योंकि भारतीय सेना पिछले कुछ समय में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास टकराव वाले क्षेत्रों के आसपास 20 ऊंची पहाड़ियों पर अपना कब्जा जमा चुकी है.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 10:37 pm, Mon, 21 September 20
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भारत-चीन तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल बातचीत चल रही है. ये दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल के छठे दौर की बैठक की गई. इस बैठक के लिए भारत ने नई स्ट्रेटजी भी बनाई थी. इस बार भारत के डेलिगेशन में 12 अफसरों की टीम थी. जिसमें एक राजनयिक भी हैं.

भारत की तरफ से मुख्य रोल में हैं लेफ्टिनेंट जनरल पी जी के मेनन और दूसरे लेफ्टिनेंट जनरल हैं हरिंदर सिंह. ये पहला मौका है जब भारत की तरफ से 2 लेफ्टिनेंट जनरल कमांडर स्तर की बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं. बताया जाता है कि लेफ्टिनेंट जनरल मेनन और चीनी जनरल ली शी झोंग के बीच अच्छा सैन्य तालमेल रहा है.

बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल मेनन सिख रेजिमेंट के हैं और लंबा समय LAC पर बिता चुके हैं. साल 2018 में दोनों जनरल पहली बार एक साथ दिखे थे. दोनों के तालमेल के कारण ही 1990 के बाद 2018 में मेजर जनरल लेवल के ऑफिसर ने BPM यानी बॉर्डर पर्सनल मीटिंग में हिस्सा लिया था. जो अरुणाचल प्रदेश में हुई थी और अब चीन के मॉल्डो में दोनों के बीच पिछले 10 घंटे से बातचीत चल रही है.

हालांकि भारत से बार-बार हारने और बार-बार मौका देने के बाद भी चीन की मंशा अभी तक साफ नहीं हो पाई है. एक तरफ चीन बातचीत के लिए छटपटाता है तो दूसरी ओर हर रोज गोला बारूद के वीडियो जारी करता है. चीन ने युद्धाभ्यास का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें ये बताने की कोशिश की गई है भारत से युद्ध के लिए चीन किस कदर तैयारी कर रहा है.

इस वीडियो को चीन की प्रोपेगेंडा मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने जारी किया है और लिखा है कि जंगल और रेगिस्तान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने ड्रिल किया, जो साफ-साफ चीन की बौखलाहट को दर्शा रहा है. अब हम आपको बताते हैं कि चीन की इस घबराहट और बौखलाहट की ताजा वजह क्या है. दरअसल अब से कुछ घंटे पहले राफेल ने LAC पर उड़ान भरी है. जिसके कारण जिनपिंग खेमे में खलबली मची है.

चीनी सेना को बोरिया बिस्तर समेटने की लास्ट वॉर्निंग

ये LAC पर भारत की फाइनल रिहर्सल है.ये चीन को आखिरी चेतावनी है. ये चाइनीज आर्मी को बोरिया बिस्तर समेट लेने की लास्ट वॉर्निंग है. ये हिमालय की चोटियों पर हिंद के वीरों का वो पराक्रम है जिसकी खबर मात्र से चीन की घिग्गी बंध गई है. ये हिंद की वो हुंकार है, जिसकी गर्जना से ड्रैगन आर्मी के हाथ पांव फूल गए हैं.

रविवार की रात 130 करोड़ हिंदुस्तानियों का सीना उस वक्त गर्व से चौड़ा हो गया, जब लद्दाख के आसमान में सबसे बड़ा गगनयोद्धा राफेल गरजा. LAC पर हिमालय की चोटियों के ऊपर राफेल ने नाइट पेट्रोलिंग की तो युद्धाभ्यास करते PLA खेमे में खलबली मच गई.

भारतीय वायुसेना के गोल्डन एरोज़ स्क्वाड्रन में शामिल होने के बाद पहली बार 20 सितंबर को दुनिया का नंबर वन फाइटर प्लेन राफेल ने अंबाला एयरबेस से लद्दाख तक उड़ान भरी. हिंद के पर्वतवीरों का हौसला बढ़ाया. चीनी फौज को चेतावनी दी और बीजिंग को हद में रहने की हिदायत दी.

पहली बार विश्वविजेता राफेल 427 किलो मीटर की दूरी तय कर LAC पर पहुंचा तो उसी वक्त जिनपिंग की लाल सेना गीदड़भभकी वाले जंग की तैयारी में जुटी थी, लेकिन जैसे ही लद्दाख के आसमान में राफेल की गरज सुनाई दी चाइनीज आर्मी बिल में घुस गई. चीन की भोंपू मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक 20 सितंबर की रात समुद्र तल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर तिब्बत सैन्य कमांड के चीनी सैनिकों ने रात में हमले का व्यापक युद्दाभ्यास किया. यहां चीनी तोपों ने गोले बरसाए.

जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का भी परीक्षण किया गया. चीनी सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के हवाई जहाजों को भी मार गिराने का अभ्यास किया, लेकिन जब राफेल ने पहली बार LAC पर हुंकार भरी तो कांपती चीनी सेना को फिर से बीजिंग ने मैदान में वॉर एक्सरसाइज करने का आदेश दिया. अगली सुबह फिर ड्रैगन आर्मी ने LAC के पास वॉर एक्सरसाइज की. तिब्बत के पठार पर मिसाइलें दागी जाने लगीं. हेलिकॉप्टर से बम बरसाए गए और होवित्जर से गोले दागे.

चीन वैसे फड़फड़ा रहा है जैसे बुझने के पहले दीया 

बता दें कि LAC पर चीनी सैनिक अभी उसी तरह फड़फड़ा रहे हैं, जैसे दीया बुझने से पहले फड़फड़ाता है क्योंकि भारतीय सेना पिछले कुछ समय में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास टकराव वाले क्षेत्रों के आसपास 20 ऊंची पहाड़ियों पर अपना कब्जा जमा चुकी है. जहां से PLA की टुकड़ियों पर नजर रखी जा रही है.

ऐसे में अब चीन की छल, बल और बढ़े चलो वाली साजिश हिमालय में दफ्न हो रही है और लद्दाख में घुसे खोखले चीनी सैनिक बीमार पड़ रहे हैं. अक्टूबर करीब आते ही यहां चीन के हाथ पांव फूलने लगे हैं और अब जब लद्दाख के आसमान में राफेल ने उड़ान भरी तो ये चीन के लिए साक्षात काल जैसा है, जिसे वक्त रहते बीजिंग समझ जाए तो उसकी भलाई इसी में है.

दरअसल LAC पर राफेल की पेट्रोलिंग भारतीय वायुसेना की प्रैक्टिस का हिस्सा है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि राफेल के पायलट वहां के मौसम और वातावरण से परिचित हो जाएं. अगर चीन किसी भी तरह की गुस्ताखी करे और राफेल की जरूरत पड़े तो इसके पायलट चीन को मजा चखाने के लिए बिल्कुल तैयार रहें. राफेल को लेकर एक अच्छी खबर और भी है और वो ये कि राफेल को उड़ाने वाली गोल्डन ऐरोज स्क्वाड्रन का हिस्सा अब एक महिला पायलट बनने जा रही हैं.

एयरफोर्स के पास फिलहाल 10 एक्टिव महिला फाइटर पायलट हैं. इनमें से एक की कनवर्जन ट्रेनिंग चल रही है और वो जल्द 17 स्क्वाड्रन का हिस्सा बन जाएंगी और फिर राफेल उड़ाएंगी. उन्होंने अब तक मिग-21 फाइटर जेट को बड़े शानदार ढंग से उड़ाया है. आपको बता दें कि कारगिल युद्ध में पहली बार एयरफोर्स ने महिला पायलट्स को एक्टिव ऑपरेशंस का हिस्सा बनाया गया था.

साल 2016 में सरकार ने महिलाओं को फाइटर फ्लाइंग की इजाजत दी थी. तब से अबतक 10 महिला पायलट कमीशन की गई हैं. जिन्होंने अब तक सुखोई-30MKI, मिग-21, मिग-29 जैसे कई लड़ाकू विमान उड़ाए हैं. चीन को अब ये समझना होगा कि पूर्वी लद्दाख का गतिरोध कोई मजाक नहीं है. सामने से बात करना और पीठ पीछे से घात लगाने का खेल नहीं चल सकता.