इस शख्सियत पर बनी ‘The Sky is Pink’, पढ़ें लोग क्यों करते हैं इनके जज्बे को सलाम

13 साल की उम्र में दोस्तों का साथ छूटना, स्कूल से ड्रॉपआउट होना उनके मनोबल को तोड़ने के लिए काफी था. आयशा ने फिर भी हार नहीं मानी. निराश होने के बजाए उन्होंने अपना ध्यान पेंटिंग करने और लिखने में लगा लिया.