ये हैं कठुआ गैंगरेप-मर्डर के दोषी, जानिए पूरी डिटेल

इस केस में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें एक जुवेनाइल भी शामिल था.

नई दिल्ली: आज का दिन बहुत अहम है क्योंकि कोर्ट ने कठुआ गैंगरेप के 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दे दिया है और आज ही सजा का ऐलान भी हो जाएगा. पिछले साल 17 जनवरी को 8 वर्षीय मासूम का शव जंगल में बुरी हालत में मिला था.

इस केस में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें एक जुवेनाइल भी शामिल था. आपको बताते हैं इस घृणात्मक अपराध में कौन-कौन शामिल था और किसपर क्या मामला दर्ज हुआ था.

60 वर्षीय सांझी राम

सांझी राम इस घटना का मुख्य आरोपी है, जिसपर आरोप है कि उसने अपने नाबालिग भतीजे को 8 वर्षीय बंजारा समुदाय की बच्ची को अगवा करने के लिए कहा था. सांझी राम ने अपने भतीजे को उकसाया था.

दीपक खजुरिया

दीपक खजुरिया वह पुलिस वाला है, जिसने बच्ची के परिजनों द्वारा उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद उन्हें भटकाता रहा. दीपक खजुरिया ने बच्ची को मारे जाने से पहले उसके साथ रेप किया था.

सुरेंद्र वर्मा

स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार वो चश्मदीद है, जिसने दोषियों में से एक को क्राइम सीन पर देखने की पुष्टि की थी.

प्रवेश कुमार

प्रवेश कुमार सांझी राम के भतीजे का दोस्त है, जिसने बच्ची को अगवा करने में उसकी मदद की थी और अन्य लोगों के साथ मिलकर बच्ची का गैंगरेप भी किया था.

नाबालिग आरोपी

नाबालिग लड़के पर आरोप है कि उसने बंजारा समुदाय से अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए बच्ची को अगवा किया और उसका रेप किया. इसपर ये भी आरोप हैं कि बच्ची के साथ रेप जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद इसी नाबालिग ने बच्ची का गला दबाया और उसके चेहरे पर पत्थर से हमला किया.

सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कॉन्सटेबल तिलक राज

इन दोनों ने मिलकर घटना से जुड़े सभी सबूत मिटा दिए थे. इतना ही नहीं दोनों से बच्ची के कपड़े धोने के लिए कहा गया था ताकि आरोपियों को गिरफ्तारी से बचाया जा सके.