Coronavirus से जंग में BJP के इन मुख्यमंत्रियों का क्‍या कहना….विरोधी भी मान रहे लोहा

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर (Jai Ram Thakur) को पूरे राज्य की स्क्रीनिंग के लिए उठाए गए कदम और उसको सही ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ हुई PM Modi की आखिरी बैठक में तारीफ भी मिल चुकी है.
These BJP Chief Ministers proves there leadership in Pandemic, Coronavirus से जंग में BJP के इन मुख्यमंत्रियों का क्‍या कहना….विरोधी भी मान रहे लोहा

अगर कोरोनावायरस (Coronavirus) संकट के दौरान अच्छे प्रबंधन और लॉकडाउन (Lockdown) में बेहतर शासन को पैमाना माना जाए तो भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों के कुछ मुख्यमंत्रियों ने न केवल पार्टी के भीतर अपनी छवि अच्छी की है वहीं अपने विरोधियों को कमजोर करने का इसे अवसर भी बनाया है. वहीं कुछ ऐसे भी मुख्यमंत्री हैं जो राजनीतिक समर्थन मिलने के बावजूद इस लड़ाई में असफल साबित हुए हैं.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

कई मुख्यमंत्रियों ने तो काफी हद तक बहुत आगे के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. बीएस येदियुरप्पा (कर्नाटक), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), जय राम ठाकुर (हिमाचल प्रदेश), बिप्लब कुमार देव (त्रिपुरा) जैसे मुख्यमंत्रियों ने संकट से निपटने में काफी तारीफें बटोरी हैं. वहीं मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में चौथी बार सत्ता हासिल करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Chouhan) अभी भी राज्य में कोरोनावायरस की स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी भी कोविड-19 और प्रवासी मजदूरों के मुद्दे से निटपने में सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं. बिहार में जहां भाजपा-और जनता दल यूनाइटेड सत्ता में साथ हैं वहां भी हालात काबू में नहीं आए हैं और राज्य में स्थिति बेहद खराब है, क्योंकि राज्य में प्रवासी मजदूर भी अपने घर लौट रहे हैं.

भाजपा की टॉप लीडरशिप ने की इनकी तारीफ

पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि भाजपा की टॉप लीडशिप पहले ही असम के मुख्यमंत्री हेंमंत बिसवा सरमा, प्रमोद सावंत (गोवा), मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा), त्रिवेंद्र सिंह रावत (उत्तराखंड) और पेमा खांडू की स्थिति को कंट्रोल करने के लिए तारीफ कर चुकी है. स्थिति पर नियंत्रण के उनके नजरिए और तुरंत एक्शन लेने की काबिलियत ने उन्हें पार्टी के अंदर बेहद मज़बूत किया है, साथ ही इनमें सत्ता समीकरणों के बदलने की क्षमता भी आई है. आने वाले समय में कोरोनावायरस फैलने से रोकने और लॉकडाउन के मुद्दों पर राज्यों को पूर्ण नियंत्रण दिया जा सकता है. इस बारे में प्रधानमंत्री पहले भी चर्चा कर चुके हैं. पीएम ने कहा था कि अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी होगा.

बीएस येदियुरप्पा ने किया कमाल

देश में कोरोना संक्रमण के ठीक पहले येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) राज्य में बहुत अच्छी स्थिति में नहीं थी, क्योंकि रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कुछ असंतुष्ट नेताओं ने गुप्त रूप से उनसे मुलाकात कर कार्यशैली में बदलाव की मांग की थी, लेकिन सबसे पहले कोरोना संक्रमित मरीज के पाए जाने के बाद तकनीकी और अपने अनुभव का सही इस्तेमाल करके येदियुरप्पा ने ये साबित किया कि कैसे संकट की घड़ी में बेहतर मैनेजमेंट किया जा सकता है. पहले हफ्ते में ही राज्य में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया. मुख्यमंत्री ने राज्य में कई बैठकें कर ऐसी रणनीति तैयार की कि इस संकट का सामना अच्छे से किया जा सके. येदियुरप्पा ने इस दौरान महत्वकांक्षी नेताओं को राज्य में पूरी तरह से दरकिनार कर दिया. उन्होंने इस संकट को राज्य में अपनी छवि को बेहतर करने में सही ढंग से इस्तेमाल किया. वायरस के दौरान तब्लीगी जमात की घटना के बाद मुस्लिमों को सख्त चेतावनी समेत उसके बाद चर्च द्वारा संचालित संस्थानों के कोरोना महामारी के खिलाफ योगदान के लिए उनकी तारीफ ने जनता में उनकी छवि को बेहतर किया है.

UP CM ने बेहतर मैनेजमैंट से दिया विरोधियों को जवाब

इसके साथ ही अपने आलोचकों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी बेहतर मैनेजमेंट और अपनी प्रशासनिक क्षमता से ढेर किया है. उन्होंने यूपी में कोरोना के खिलाफ जंग में अपने मार्गदर्शन से नौकरशाही वर्ग को भी प्रभावित किया है. योगी व्यक्तिगत तौर पर महामारी के खिलाफ लड़ाई में हर पहलू पर निगरानी करने के साथ ही स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों, मंत्रियों के साथ रोज बैठक कर रहे हैं. योगी आदित्यनाथ ने ये घोषणा करके सबको हैरान कर दिया कि यूपी से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के इच्छुक किसी भी राज्य को भविष्य में राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी. हालांकि अभी इस घोषणा की व्यवहारिकता स्पष्ट नहीं है. इसके साथ ही श्रमिकों को उनके राज्य वापस भेजने के लिए बसें उपलब्ध कराने में उनकी सक्रिय भूमि रही है, ऐसे में योगी आदित्यनाथ ने लोगों का भरोसा जीता है.

जयराम ठाकुर को मिली पीएम की तारीफ

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jai Ram Thakur) को किसी भी इन्फ्लूएजा जैसी बीमारी के लिए पूरे राज्य की स्क्रीनिंग के लिए उठाए गए कदम और उसको सही ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ हुई पीएम की आखिरी बैठक में तारीफ भी मिल चुकी है. केंद्र ने निर्यात और घरेलू इस्तेमाल के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) के उत्पादन के लिए रेड जोन के रूप में चिह्नित होने के बावजूद राज्य में फार्मा हब को सफलतापूर्वक लाने में ठाकुर की पहल की सराहना की है.

सोनोवाल ने दिखाई मजबूत लीडरशिप

असम (Assam)ने भी कोरोनावायरस संकट के इस दौर में काफी हद तक स्थिति पर काबू कर लिया है. सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) ने नागरिक कानूनों में बदलाव के खिलाफ तीखे विरोध के बावजूद असम को अच्छे से प्रबंधित किया है, हालांकि असम के सीमावर्ती ज़िलों में कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है.

बिप्लब देब संकट में बने कामकाजी सीएम

वहीं त्रिपुरा (Tripura) में बिप्लब कुमार देब ( Biplab Kumar Deb) की छवि ऐसे नेता की बनी है जो गैर-जिम्मेदाराना और विवादास्पद बयानबाजी करते हैं और संकट के दौरान एक कामकाजी मुख्यमंत्री का कद हासिल करते हैं. अप्रैल में राज्य ने खुद को कोरोना मुक्त घोषित किया, लेकिन सीमा पर BSF इकाई में कोरोनावायरस पाए जाने की वजह से राज्य फिर सुर्खियों में आ गया.

सीएम खट्टर ने किया विरोधियों का मुंह बंद

मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की नियमित प्रेस कांफ्रेंस और बयान संकेत देते हैं कि वह हरियाणा (Haryana) के मज़बूत नेता हैं, हालांकि खट्टर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच अंतर-कला और सत्ता संघर्ष का सामना करते रहे हैं. वहीं रावत भी उन सभी विरोधियों का मुंह बंद कर दिया है जो राज्य में सत्ता के शीर्ष को बदलने की मांग कर रहे थे.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts