इस तरह एनसीपी के विधायकों की कराई गई घर वापसी, पूरे दिन घूमते रहे शिवसैनिक

शनिवार को राजभवन में हुई शपथ में मौजूद रहे माणिकराव कोकाटे कई घंटों तक गायब रहे. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर मेसेज जारी किया.
NCP found missing MLAs, इस तरह एनसीपी के विधायकों की कराई गई घर वापसी, पूरे दिन घूमते रहे शिवसैनिक

महाराष्ट्र में पिछले एक महीने से सियासी खेल जारी है. कब क्या हो जाए? यह कोई नहीं बता सकता. शनिवार सुबह महाराष्ट्र, कुछ ऐसे ही सियासी घटनाक्रम का गवाह बना. जब देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी के सहयोग से मुख्यमंत्री बन गए.

इतना ही नहीं जिस तरीके से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली गई वो भी ऐतिहासिक रहा. लोग अख़बारों में सुबह-सुबह पढ़ रहे थे कि एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर सहमति बन गई है और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अगले पांच सालों के लिए महाराष्ट्र के सीएम होंगे.

वहीं टीवी पर एक दूसरी ख़बर आ रही थी. शनिवार सुबह 8 बजे के क़रीब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते दिखाई दिए. लोगों को समझ नहीं आया कि समीकरण शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच बन रहा था तो फिर फडणवीस सीएम पद की शपथ कैसे ले रहे हैं?

थोड़ी ही देर में टीवी पर तत्कालीन एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार भी शपथ लेते दिखे. वो उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे. लोगों को लगा कि एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) ने खेल कर दिया. शाम होते-होते पूरा मामला समझ आया.

अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार के सामने गायब 15 विधायकों को वापस लाने की चुनौती थी. हालांकि सभी विपक्षी दलों ने मिलकर रविवार सुबह तक ही सभी विधायकों को ढूंढ़ लिया.

दौलत दरोदा

दौलत दरोदा एनसीपी के उन विधायकों में से थे जिसने दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें गुरुग्राम ले जाया गया था. दौलत दरोदा को यहां के एक होटल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की निगरानी में रखा गया था. शरद पवार खेमे में वापस लौटने के बाद दरोदा ने कहा, ‘हमें दिल्ली ले जाते वक़्त बताया गया था कि एनसीपी ने बीजेपी का आधिकारिक तौर पर समर्थन किया है. लेकिन बाद में हमें पता चला कि एनसीपी बीजेपी का समर्थन नहीं कर रही.’

इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के होटल में उनसे फोन भी ले लिया गया था. हालांकि किसी तरह वो शरद पवार से संपर्क करने में सफल रहे. जिसके बाद उन्हें वहां से बाहर निकालने का प्रयास शुरू हुआ.

संजय बंसोडे को शिवसैनिक पकड़ कर लाए थे…

एनसीपी विधायक संजय बंसोडे को शिवसैनिक ने रविवार को एयरपोर्ट पर पकड़ा था. उन्हें पकड़कर वाईबी चौहान सेंटर लाया गया. उस दौरान वहां शिवेसना और एनसीपी की मीटिंग चल रही थी.

शिवसेना के एक नेता के मुताबिक ‘शरद पवार ने उद्धव ठाकरे के पीए मिलिंद नार्वेकर को फोन किया था. उन्होंने कहा कि बंसोडे को सहारा स्टार में रखा गया है और वह वापस लौटना चाहते हैं. इसके बाद मिलिंद और शिवसेना के लीडर एकनाथ शिंदे होटल पहुंचे. पहले अकेले मिलिंद ही गए और वहां देखा कि 40 पुलिसवाले खड़े हैं और बीजेपी नेता मोहित कांबोज भी मौजूद थे. कुछ ही देर में अपने कई समर्थकों के साथ एकनाथ शिंदे भी मौके पर पहुंचे. बंसोडे से संपर्क किया गया और वह लॉबी में आए. इसी दौरान मिलिंद और शिंदे से पुलिस और बीजेपी के कार्यकर्ता बहस करने लगे. इसी दौरान शिवसैनिक बंसोडे को लेकर रफू-चक्कर हो गए.

मुंडे सोते रहे, इसलिए नहीं हो पाई बात

धनंजय मुंडे के मुताबिक ‘वो 23 नवंबर को अपने बंगले पर नहीं थे और दोपहर एक बजे तक सोते रहे. इसी वजह से उनका फोन नहीं लग रहा था.’ हालांकि ये वही धनंजय मुंडे हैं जिनके लिए कहा जा रहा था कि अजित पवार के लिए उन्होंने ही विधायकों को जुटाया.

नरहरी जिरवाल को किया गया था किडनैप

डिंडोरी के विधायक नरहरी जिरवाल को भी गुरुगाम से वापस लाया गया था. जिरवाल के अलावा खानपुर के विधायक दौलत दरोडा, अनिल पाटील और कलवान के नितिन पवार भी गुरुग्राम के होटल में ही थे. जिरवाल ने कहा कि हमें न सिर्फ भ्रमित किया गया बल्कि एक तरह से किडनैप करके रखा गया.

उन्होंने कहा कि 300 लोग हमारी निगरानी कर रहे थे, लेकिन पीछे के रास्ते से किसी तरह बाहर निकले. बता दें कि एनसीपी युवा नेता सोनिया दूहन और धीरज शर्मा को इनकी वापसी का काम दिया गया था.

टीवी पर खबर देखने के बाद मामला समझे अनिल पाटिल

अनिल पाटिल, अजित पवार की शपथ में गए थे. उन्होंने बताया कि शपथग्रहण समारोह के बाद उन्हें लगा कि एनसीपी, बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना रही है. इसलिए उन्होंने अजित पवार का साथ दिया. उन्होंने बताया, ‘हमें कहा गया कि सरकार गठन तक हमें कहीं और जाना होगा. लेकिन, जब हम गुरुग्राम पहुंचे और टीवी देखा तो सच पता चला.

बाबासाहेब पाटिल दिल्ली पहुंचे तब पता चला खेल
बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि उन्हें पहले राजभवन ले जाया गया था. बाद में उन्हें तीन अन्य विधायकों के साथ दिल्ली लाया गया. अजित पवार क्या कर रहे हैं, इसका पता मुझे तब चला जब हम दिल्ली पहुंचे और अपना फोन ऑन किया. इसके बाद किसी तरह हमने शरद पवार से संपर्क किया और उन्होंने हमें निकाला.

लापता विधायक नितिन पवार की एनसीपी यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने कराई घर वापसी

एनसीपी विधायक नितिन पवार के परिवार ने उनके लापता होने की शिकायत दर्ज करा दी थी. हरियाणा से एनसीपी के यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाहर निकाला. शरद पवार कैंप में लौटने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं शरद पवार का समर्थन करता हूं और इसमें कोई संदेह नहीं है.

जब तक समझते, फडणवीस ने ले ली शपथ

राजेंद्र सिंगणे के मुताबिक उन्हें गुरुवार रात को अजित पवार का फोन आया था. उनसे यह कहा गया कि ज़रूरी मसले पर बात करनी है इसलिए अगले दिन धनंजय मुंडे के बंगले पर पहुंचें.

सिंगणे ने कहा, ‘मैं शनिवार को सुबह 7 बजे वहां पहुंचा, वहां 8 से 10 विधायक पहले से थे. इसके बाद हमें गवर्नर हाउस ले जाया गया, लेकिन कुछ नहीं बताया गया. जब तक हम कोई फैसला ले पाते, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शपथ ले चुके थे.’

अजित पवार विधायक दल के नेता थे इसलिए मानी बात

शनिवार को राजभवन में हुई शपथ में मौजूद रहे माणिकराव कोकाटे कई घंटों तक गायब रहे. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर मेसेज जारी किया और रविवार को होटल रेनेसां पहुंचे, जहां एनसीपी के लोग ठहरे थे. उन्होंने कहा कि अजित पवार विधायक दल के नेता थे और मैंने उनकी बात मानी. मुझे कुछ भी अंदाजा नहीं था कि वह क्या करने जा रहे हैं.

सेरेमनी के बाद पता चला, कुछ गलत हुआ
संदीप क्षीरसागर ने कहा, ‘अजित पवार ने मुझे धनंजय मुंडे के बंगले पर बुलाया था, जिस दिन शपथ समारोह था. मैं वहां गया, लेकिन अजित पवार और मुंडे नहीं थे. मुझे कार में बैठने को कहा गया और राजभवन ले जाया गया.’

सेरेमनी देखने के बाद मैंने महसूस किया कि कुछ गलत हो गया है, लेकिन, मुझे जाने नहीं दिया गया. किसी तरह मैं वहां से निकला और फिर वाईबी चौहान सेंटर पहुंचा, जहां शरद पवार और अन्य सीनियर लीडर मौजूद थे.

अजित को नहीं किया समर्थन
मजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंकी ने कहा कि मैं शपथ में गया था, लेकिन फिर रेनेसां होटल आया और शरद पवार का सपोर्ट किया. वह अजित पवार के साथ जाने की बात से इनकार करते हुए कहते हैं कि मेरी ओर से उनको समर्थन की सिर्फ अफवाह फैलाई गई थी.

एनसीपी नहीं छोड़ी, भ्रमित किया गया
एनसीपी के विधायक दिलीपराव बानकर भी कुछ ऐसा ही आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस के नाना पटोले और एनसीपी के जितेंद्र अव्हाड किसी तरह उन्हें दिल्ली से वापस लेकर आए थे.

‘हम बागी नहीं है, अजित ने कॉल किया था’
शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने वालों में तीन विधायकों के नाम सुनील थे. ये थे सुनील शेलके, सुनील टिंगरे और सुनील भुसारा. तीनों नेताओं ने कहा कि हम बागी नहीं थे, हमें अजित पवार ने बुलाया था और उन्हें अपना नेता मानते हुए पहुंचे थे. हम अब भी एनसीपी में ही हैं और शरद पवार जी के नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं.

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