कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के एक महीने बाद ये है सरकार का कश्मीर प्लान

केंद्र सरकार द्वारा संसद में आर्टिकल 370 हटाने की घोषणा के एक महीने बाद जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के हालात का प्रशासन और अलग-अलग एजेंसियों ने आकलन किया है.

केंद्र सरकार द्वारा संसद में आर्टिकल 370 हटाने की घोषणा के एक महीने बाद जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के हालात का प्रशासन और अलग-अलग एजेंसियों ने आकलन किया है. अगले एक महीने में राज्य में कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं.

  • भारत सरकार के अधीन जितने भी मंत्रालय आते हैं, उन्होंने जम्मू कश्मीर से जुड़ी स्पेसिफिक परियोजनाओं का खाका गृह मंत्रालय को सौंप दिया है कि कैसे उनका मंत्रालय जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में पोटेंशियल एरिया की पहचान कर उसका विकास करेगा.
  • अगले एक महीने में सरकार की प्राथमिकता है जम्मू कश्मीर में मूलभूत सुविधाओं में विकास और दूसरी प्राथमिकता है रोजगार.

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में ये है सरकार का डेवलपमेंट एजेंडा

टूरिज्म: जम्मू कश्मीर और लद्दाख तीनों इलाकों में 7 से 8 टूरिस्ट जोन बनाए जाएंगे.

खेती: जम्मू कश्मीर और लद्दाख में किसान अपनी फसल वाजिब जगह पर बेच पाए और उन्हें उचित कीमत मिले इसके लिए पूरी योजना तैयार की गई है. इसके लिए श्रीनगर, पुलवामा, शोपियां, जम्मू और लेह की मंडियों को पूरी तरीके से डिजिटलाइज किया जाएगा. इन मंडियों में किसानों की सूची बनाई जाएगी जो फसल उगाते हैं और अपना सामान लाते हैं.

खुद इन मंडियों से किसानों तक संपर्क करने का प्लान कृषि मंत्रालय ने केंद्र सरकार को दे दिया है. कश्मीर में खेती पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है एप्पल ऑर्चर्ड यानी सेब के बागानों के अलावा ट्यूलिप और अन्य फूल जिनकी बाजार की मांग बहुत ज्यादा है, उन्हें जम्मू कश्मीर और लद्दाख तीनों जगह उगाने की योजना पर काम किया जा रहा है.

सोलर एनर्जी: इसकी कमान दी गई है लद्दाख को. अगले कुछ सालों में अकेले लद्दाख में ही बीस हजार मेगावाट की सोलर परियोजना को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत सबसे पहले दो हजार मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पावर प्लाट को जल्द शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इस बाबत पूरा खांका तैयार कर रहा है.

रोजगार: सरकार का मानना है कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले ताकि वो मुख्यधारा में शामिल हों इसलिए 50,000 नौकरियों की बात राज्यपाल ने कही है.  सबसे पहले जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में खाली पड़े 50,000 सरकारी पदों को भरा जाएगा. इसमें से तीन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें पहले फेज में स्थानीय लोगों को नौकरियां दी जाएंगी. ये क्षेत्र हैं स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस.

स्वास्थ्य: ये सरकार के सबसे महत्वपूर्ण फोकस एरिया में है. इसमें भर्ती किए जाएंगे डाक्टर, नर्स और लैब टेस्ट टेकनीशियन. ऐसा इसलिए कि यही जम्मू कश्मीर लद्दाख के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात होते हैं और इनकी फिलहाल इन इलाकों में कमी है.

शिक्षा: ये सरकार का दूसरा प्रमुख फोकस एरिया है. सरकारी स्कूलों में वहीं रह रहे लोगों की नियुक्ति की जाएगी, शिक्षकों की ये नियुक्ति प्राइमरी, सेकेंडरी लेवल पर होगी.

पुलिस: यह सरकार का तीसरा फोकस एरिया है. सबसे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के 4,000 स्पेशल प्रोटेक्शन ऑफिसर के पद पर जो रिक्तियां हैं उनको भरा जाएगा. इसके अलावा केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों कि स्थानीय बटालियन को भी बढ़ाने की सरकार की योजना है.

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