असम में बड़ा फैसला, NRC की फाइनल लिस्ट से हटाए गए हजारों ‘अयोग्य’ लोगों के नाम

असम (Assam) में एनआरसी की फाइनल लिस्ट (NRC Final List) से हजारों 'अयोग्य' लोगों के नाम हटा दिए गए हैं. एनआरसी अधिकारियों ने जिला अधिकारियों को पिछले साल अगस्त में नाम हटाने के आदेश दिए थे.

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असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट से हजारों अयोग्य लोगों के नाम हटा दिए गए हैं.

असम (Assam) में एनआरसी की फाइनल लिस्ट (NRC Final List) से हजारों ‘अयोग्य’ लोगों (Ineligible) के नाम हटा दिए गए हैं. एनआरसी अधिकारियों ने (NRC Officers) जिला अधिकारियों को पिछले साल अगस्त में जारी अंतिम सूची से ‘अयोग्य’ लोगों के नाम हटाने के आदेश दिए, जिसके बाद हजारों लोगों के नाम फाइनल लिस्ट से हटा दिए (Deleted) गए.

सूत्रों के मुताबिक (According to Source) एनआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी हितेश देव सरमा ने एक पत्र में असम के 33 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (DC)और जिला रजिस्ट्रार, नागरिक पंजीकरण (DRCR) को हजारों लोगों को हिरासत में लेने (Detention) संबंधी स्पीकर के आदेश जारी करने के लिए कहा.

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NRC की आखिरी लिस्ट से हटाए गए हजारों ‘अयोग्य’ नाम

चिट्ठी में वरिष्ठ अधिकारी हितेश सरमा ने लिखा कि आपकी तरफ से मिली हुई रिपोर्ट के हिसाब से कुछ अयोग्य लोगों के नाम संबद्ध डीएफ (घोषित विदेशी), डीवी (संदिग्ध मतदाता), पीएफटी (विदेशी ट्रिब्यूनलों में लंबित) उनके वंशजों के साथ एनआरसी में पाए गए हैं.

वरिष्ठ अधिकारी सरमा ने ने प्रासंगिक नियमों का हवाला देते हुए कहा कि एनआरसी के स्थानीय रजिस्ट्रार (LRCR) को राज्य में एनआरसी की अंतिम लिस्ट जारी करने से पहले किसी भी समय जरूरी लोगों के नामों को सत्यापित करना जरूरी होगा.

अगस्त 2019 में जारी हुई थी आखिरी लिस्ट

उन्होंने कहा कि एनआरसी के नियम अधिकारियों को अंतिम सूची जारी करने से पहले गलत समावेशन को सत्यापित करने और हटाने की अनुमति देते हैं, हालांकि अंतिम सूची  3.3 करोड़ लोगों की डीटेल के साथ  31 अगस्त 2019 को जारी की गई थी, वहीं दो हफ्ते बाद एक ऑनलाइन लिस्ट जारी की गई थी.

फरवरी महीने में NRC के अधिकारियों ने पहल करते हुए जारी की गई अंतिम लिस्ट के बाद भी यह जांच की कि, कहीं लिस्ट में ‘अयोग्य’ श्रेणी के लोगों को तो शामिल नहीं किया गया है. श्री सरमा के मुताबिक कुछ डीसी और डीआरसीआर ने उन्हें लिस्ट में ‘अयोग्य’ व्यक्तियों के बारे में बताया था, जिसके बाद उन्होंने डीसी और डीआरसीआर को अयोग्य लोगों के नाम और उनको लिस्ट से हटाए जाने के कारण देने के लिए कहा.

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जुलाई महीने में NRC का एक ड्राफ्ट मसौदा जारी किया गया था, उसमें 40 लाख से ज्यादा लोगों को इससे बाहर रखा गया था , अगले महीने जारी सूची में यह संख्या कम होकर 19 लाख हो गई.

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