‘खुदा की नेमत हैं ये बेटियां’, दंगे के बीच घायलों का इलाज करती रहीं चांदबाग की तीन बहादुर बच्चियां

चांदबाग के मूंगा नगर की कॉलोनी हिन्दू बहुल है और यहां तीन परिवार मुसलमानों के हैं. यहां भयानक हिंसा हुई थी और उपद्रवी गलियों में घुस रहे थे.
Chandbagh brave girls, ‘खुदा की नेमत हैं ये बेटियां’, दंगे के बीच घायलों का इलाज करती रहीं चांदबाग की तीन बहादुर बच्चियां

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा ने देश के लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस हिंसा के बीच चांदबाग की तीन बहादुर बच्चियों ने जो करके दिखाया, वह हर किसी के लिए मिसाल है. एक तरफ दंगों से दिल्ली जल रही थी, तो वहीं दूसरी ओर ये बच्चियां इस हिंसा में घायल हुए लोगों की मदद करने के लिए आगे आईं.

इन बच्चियों का सपना है कि वो बड़ी होकर पत्रकार, डॉक्टर, IAS बनें. बच्चियों ने हिंसा में घायल हुए करीब 20 लोगों का इलाज किया. खासकर मुसलमानों का. बच्चियों की इस पहल में उनका साथ उनके परिवार ने दिया.

चांदबाग के मूंगा नगर की कॉलोनी हिंदू बहुल है और यहां तीन परिवार मुसलमानों के हैं. यहां भयानक हिंसा हुई थी और उपद्रवी गलियों में घुस रहे थे. इस इलाके की महिलाओं ने बहुत अहम भूमिका निभाते हुए मुस्लिम परिवारों को अपने घरों में छिपाया और उनकी पूरी देख रेख की. इन्हीं परिवारों की बेटियों ने हिंसा में घायल लोगों का इलाज किया.

चांद बाग में ही 4 युवक यहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को खाना पीना बांट रहे हैं. उनका कहना है कि जब से हिंसा हुई है वो तब से लगातार ऐसा कर रहे है और हिंसा में फंसे लोगों की मदद कर रहे हैं. इन युवकों में एक सिख युवक है और एक दिल्ली सरकार का होमगार्ड.

 

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