तीस हजारी कांड: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दाखिल की प्रोग्रेस रिपोर्ट, SIT जांच में मांगा सहयोग

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को भी अवगत कराया कि SIT की जांच करीब 60-70 फीसदी तक पूरी कर ली गई है.
Tisahjari scandal Delhi Police, तीस हजारी कांड: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दाखिल की प्रोग्रेस रिपोर्ट, SIT जांच में मांगा सहयोग

तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई सिर-फुटव्वल पर दिल्ली पुलिस की SIT अपनी जांच रिपोर्ट 12 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट के हवाले कर सकती है. यह बताने तथा अब तक SIT द्वारा की जा चुकी प्रगति रिपोर्ट लेकर भी दिल्ली पुलिस बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के सामने पेश हुई.

उधर इस मामले की जांच में जुटी SIT ने सहयोग के लिए लोगों से अपील की है कि किसी के पास अगर घटना से संबंधित कोई मजबूत, तथ्यात्मक जानकारी या वीडियो-सबूत हों तो, वो भी SIT के सामने पहुंचकर अपना पक्ष रख सकते हैं.

गौरतलब है कि 2 नवंबर को हुए तीस हजारी कांड की जांच दो जगह पर हो रही है. एक जांच न्यायिक और दूसरी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की SIT द्वारा की जा रही है. न्यायिक जांच के आदेश घटना के अगले ही दिन दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने दिए थे. जबकि दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने घटना वाले दिन ही क्राइम ब्रांच की एक SIT जांच के लिए गठित कर दी थी.

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की SIT वक्त वक्त पर हाईकोर्ट को बताती भी रहती है कि उसकी जांच कितनी हो चुकी है और अभी कितनी बाकी है. सूत्रों के मुताबिक इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को भी अवगत कराया कि SIT की जांच करीब 60-70 फीसदी तक पूरी कर ली गई है. दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के सामने उम्मीद जताई है कि 12 दिसंबर तक वह पूरी जांच रिपोर्ट के साथ हाईकोर्ट के समझ पेश होने की पूरी कोशिश करेगी.

उधर, दूसरी ओर जांच में जुटी SIT इन दिनों घटना के गवाह और सबूतों को इकट्ठा करने में युद्धस्तर पर जुटी है. इसी प्रक्रिया के तहत SIT के सहायक पुलिस आयुक्त अरविंद कुमार (स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड-1 क्राइम ब्रांच रोहिणी सेक्टर-14) द्वारा संबंधित लोगों/पक्षों को एक पत्र भेजा जा रहा है.

इसी आशय से संबंधित 18 नवंबर को जारी एक पत्र बुधवार को आईएएनएस कार्यालय को भी मिला है. पत्र में संबंधित एसीपी की ओर से आग्रह किया गया है कि अगर किसी के भी पास संबंधित घटना को लेकर कोई गवाह, सबूत या सत्यता को प्रमाणित करता हुआ कोई अन्य तथ्य हो, तो वो सीआरपीसी की धारा 91 के तहत क्राइम ब्रांच के कमला मार्केट थाना परिसर में स्थित कार्यालय में या फिर सब्जी मंडी थाने में पहुंचकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है.

क्राइम ब्रांच के इसी पत्र से यह बात भी जाहिर होती है कि यह पूरी कसरत दिल्ली पुलिस एफआईआर नंबर-269 दिनांक 2 नवंबर 2019 को धारा 186/353/147/148/149/436 आईपीसी और 3/4 यानी सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कर रही है. क्योंकि इसी एफआईआर में दिल्ली पुलिस कर्मचारी की ओर से उस दिन वकीलों द्वारा मचाए गए उपद्रव में हुए नुकसान और मारपीट का जिक्र किया गया है.

Related Posts