लेह क्षेत्रीय परिषद चुनाव: 26 सीटों पर 22 अक्टूबर को चुनाव, बीजेपी-कांग्रेस- AAP के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, लेह में होने वाले चुनाव (Leh Election) के लिए बीजेपी ने 'अबकी बार 26 पार' का नारा दिया है, वहीं AAP प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है, जो लोगों से जुड़े मुद्दों ध्यान रखेंगे.

लेह की 26 सीटों पर क्षेत्रीय परिषद चुनाव के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.

लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, लेह (Leh) की 26 सीटों पर क्षेत्रीय परिषद चुनाव (Council Election) के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, यह चुनाव 22 अक्टूबर को होने जा रहे हैं. पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) घोषित होने के बाद यहां पहली बार चुनाव होने जा रहा है. लेह चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला ( Triangular) होगा.

लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, लेह में होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी (BJP) ने ‘अबकी बार 26 पार’ का नारा दिया है. बीजेपी के जिला अध्यक्ष नवाम्ग सम्सथान ने कहा कि अबकी बार 26 पार, यह हमारा नारा है. सभी 26 निर्वाचन क्षेत्रों में हम अपने ज्यादातर युवा उम्मीदवारों (Youth Candidates) को मैदान में उतार रहे हैं, वह इस इलाके का विकास (Development) करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं को प्रोत्साहित करना उनकी प्राथमिकता है. उनके घोषणा पत्र में लद्दाख के लिए राजनीतिक सशक्तीकरण का प्रावधान है.

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‘लोगों की मागों पर ध्यान नहीं दे रही केंद्र सरकार’

वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि जब लद्दाख यूटी बन गया, तो उन्होंने सरकार से एक विधानसभा और एक मुख्यमंत्री की मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनके मुताबिक अगर लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद को सशक्त किया जाता है तो यह अच्छा होगा, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं हो रहा है.

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लद्दाख में करीब 95 प्रतिशत लोग जनजातीय समुदाय के हैं, इसलिए लेह और कारगिल की दोनों हिल काउंसिलों को छठी अनुसूची में सशक्त किया जाना चाहिए, जो अभी तक नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, उनकी मांग संविधान की छठी अनुसूची के तहत लद्दाख को संरक्षण देने से संबंधित होगी. कई ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट्स को यहां नौकरी नहीं मिल पा रही है, जबकि दूसरे राज्यों के युवाओं को यहां नौकरी मिल रही है.

‘AAP ने लद्दाख को दिया थर्ड पार्टी का विकल्प’

आम आदमी पार्टी ( AAP) के प्रवक्ता रिनचिन नामग्याल ने कहा कि,  उन्होंने पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के भंग होने के बाद यहां आप पार्टी (AAP) की स्थापना की है, क्योंकि कि लद्दाख में एक थर्ड पार्टी का विकल्प होना जरूरी था, जो लोगों के बुनियादी विकास की बात करती कर सके.

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उन्होंने कहा कि पूरे भारत में कोई भी पार्टी विकास की बात नहीं करती है, इसलिए वह चाहते हैं कि यहां लोगों की जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाया जाए, उन्होंने ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है, जो लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देंगे.

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