‘इस्लामी देशों में तो गर्दन काटने का भी कानून, वह भी लाएंगे क्या?’ तीन तलाक बिल पर बोले गुलाम नबी आजाद

लोकसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद मंगलवार को राज्यसभा में भी बिल पास हो गया. इस दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने अपनी बात रखी.
ghulam nabi azad triple talaq bill, ‘इस्लामी देशों में तो गर्दन काटने का भी कानून, वह भी लाएंगे क्या?’ तीन तलाक बिल पर बोले गुलाम नबी आजाद

नई दिल्ली: तीन तलाक बिल मंगलवार को राज्यसभा में पास हो गया है. 26 जुलाई को लोकसभा से पास होने के बाद आज राज्यसभा में बिल पेश किया गया. इस दौरान राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर जमकर बहस हुई.

तीन तलाक बिल पर बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, ‘मुस्लिम परिवारों को तोड़ना इस बिल का असल मकसद है.  कई इस्लामी देशों में तो गर्दन काटने का भी कानून है, आप वहां से वो कानून भी लेकर आएंगे क्या?’

उन्होंने कहा कि, ‘हमारा मुल्क किसी मुस्लिम मुल्क का मोहताज नहीं है और न ही किसी मुस्लिम के कहने से चलता है. देश के मुस्लिमों को देश पर गौरव है और हजारों सालों के साथ मिलकर रहते हैं. न हम मुस्लिम देशों की नकल करते हैं और न उनकी सोच रखते हैं.’

नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, ‘यहां के मुसलमानों की तुलना किसी दूसरे मुल्क के मुसलमानों से नहीं करिए, क्योंकि उनमें जो खामियां हैं, वो हमारे देश के मुस्लिमों में नहीं आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल लॉ के बारे में तो नहीं बोला था. सरकार ने क्या अब तक अल्पमत वाले फैसलों को लागू किया है.’

उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम महिलाओं के नाम मुसलमानों को निशाना बना रही है. न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी. अब इस बिल के जरिए सरकार घर से चिराग से ही घर में आग लगाना चाहती है. घर भी जल जाएगा और किसी को आपत्ति भी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि दो समुदायों की लड़ाई में केस बनता है, लेकिन बिजली के शॉट सर्किट में किसी के जलने पर कोई केस नहीं बनता है.

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