तीन तलाक बिल पर नीतीश की पार्टी के विरोध से बीजेपी को हुआ फायदा

लोकसभा में तीन तलाक बिल ध्वनिमत से पास हो गया था. राज्यसभा में अभी 241 सदस्य हैं. बहुमत के लिए 121 मतों की जरूरत है.

लोकसभा से पारित होने के बाद तीन तलाक ( Triple Talaq bill  ) विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है. चर्चा के बाद वोटिंग होगी. इस बीच विधेयक के विरोध में नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद वॉक आउट कर गए. इसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राह आसान कर दी है. जनता दल (युनाईटेड) के सात सांसदों के नहीं रहने से बिल आसानी से पास हो सकता है.

लोकसभा में तीन तलाक बिल ध्वनिमत से पास हो गया था. राज्यसभा में अभी 241 सदस्य हैं. बहुमत के लिए 121 मतों की जरूरत है. एनडीए के पास 113 सांसद हैं. जेडीयू के वॉकआउट के बाद बिल पास करने के लिए जरूरी संख्या कम हो गई है.

बीजेपी को टीआरएस, बीजू जनता दल (बीजेडी) और वाईएसआरसीपी से सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. इन दलों ने आरटीआई संशोधन विधेयक पर भी नरेंद्र मोदी सरकार का साथ दिया था.

बिल पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, इसे वोट बैंक की राजनीति की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए. ये मानवता का मामला है. मोदी सरकार तीन तलाक को अपराध घोषित करना चाहती है. दूसरी ओर विपक्ष एनडीए पर शादी की संस्था को नष्ट करने का आरोप लगा रहा है.