Tv9bharatvarshEconclave: जावडेकर बोले- Corona के बाद बदलेगी दुनिया, ठीक नहीं है RaGa का स्क्रिप्ट राइटर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कोरोनावायरस को लेकर सरकार की तैयारी, Lockdown-5 और रामायण-महाभारत से लेकर तमाम मुद्दों पर अपनी राय Tv9bharatvarshEconclave में रखी.
Tv9 bharatvarsh E conclave, Tv9bharatvarshEconclave: जावडेकर बोले- Corona के बाद बदलेगी दुनिया, ठीक नहीं है RaGa का स्क्रिप्ट राइटर

दुनियाभर में फैला कोरोनावायरस (Coronavirus) भारत में भी अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है. भारत अब दुनिया के 10 सबसे ज्यादा संक्रमित देशों में शामिल हो चुका है. हालांकि कई मामलों में भारत की स्थिति अब भी अन्य देशों से बेहतर है. जल्द ही लॉकडाउन-4 (Lockdown-4) भी खत्म होने वाला है वहीं संक्रमण के मामले डेढ़ लाख के पार जा चुके हैं. ऐसे में आगे सरकार की क्या और कितनी तैयारी है, इस पर टीवी9 भारतवर्ष से चर्चा की केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने.

पीएम ने पांच बार किया लोगों का मार्गदर्शन

  • कोरोना काल में लोगों को जानकारी समय पर मिले इसलिए अधिकारियों द्वारा रोज जानकारी दी गई.कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक किया गया. प्रधानमंत्री खुद पांच बार मार्गदर्शन कर चुके हैं. पांच बार मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं. लोग 21 तारीख की मन की बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

रामायण का आइडिया कहां से आया

    • जैसे लॉकडाउन शुरू हुआ तब मुझे ध्यान आया कि टीवी ही इस दौरान सूचना का माध्यम होगा. ऐसे में हमें लगा कि कोई अच्छा कार्यक्रम भी देना चाहिए और रामायण और महाभारत दिखाने का विचार आया. हमने रामानंद सागर जी के पुत्र प्रेमानंद सागर जी और उनके परिवार से बात की और कहा कि रामायण हमें दे तो. उसकी तकनीकि समस्या हमारे एडिटरों ने ठीक की. महाभारत के लिए भी बीआर चोपड़ा से भी बात की.
    • इस पीड़ी ने जो कार्यक्रम नहीं देखे वो दिखाने की हमने कोशिश की. महाभारत और रामायण ने तमाम रिकॉर्ड तोड़े. ये भारत की सांस्कृतिक विरासत है. इसे सभी धर्म के लोग देखते हैं. कुछ लोगों की मानसिकता होती है विरोध करने की, लेकिन लोगों ने इसे पसंद किया और दुनिया भर के रिकॉर्ड टूट गए.


राहुल गांधी के रवैए पर वार- पाखंड न करें

      • राहुल गांधी के स्क्रिप्ट लिखने वालों को समझना होगा कि एक ही लाइन लेकर चलें. उनकी सरकारे मजदूरों को लेने के लिए ज्यादा उत्सुक्ता नहीं दिखाते और आप मजदूरों के आने जाने को लेकर बात करते हो. ये पाखंड होता है. पाखंड नहीं करना चाहिए लोग ये सहन करने के मूड में नहीं हैं. लोग अभी जान बचाना चाहते हैं. जान के साथ हमें जहान को भी बचाना है इसलिए हमने धीरे-धीरे छूट देना शुरू किया है.

कोरोना के बाद जरूर बदलेगी दुनिया

      • कोरोना के बाद दुनिया निश्चित बदलेगी. नेतृत्व कौन करेगा ये मतलब नहीं रखेगा लेकिन देशों में नेतृत्व कौन कर रहा है ये महत्वपूर्ण होगा. पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आत्म निर्भर बनेगा और आयात से ज्याद निर्यात पर करेगा.

अपने गृह नगर महाराष्ट्र में कोरोना के मंजर पर बोले जावडेकर

      • समय चलते कदम उठाए या नहीं उठाए इसपर चर्चा होगी, लेकिन मैं अभी उसमें नहीं पडूंगा. हालांकि ये सच्चाई है कि इतनी घनी आबादी पर शहर बसाओगे. एक-एक कमरे में 6-8 लोग रहेंगे तो काहे की सोशल डिस्टेंसिंग. तो इसलिए हमें और लोगों को भी मानवीय अंदाज में शहरों की पुनर्रचना करना ही होगा. ये इस महामारी से हमें सीख मिली है.

मजदूरों से बोले जावडेकर- पैदल घर मत जाइए

      • उद्योगपतियों को वर्कर से संबंध बनाने होंगे. केवल वेतन देकर अगर रिश्ता खत्म करोगे तो वर्कर घर जाएंगे. ऐसे में एक नई समझ इस बीमारी ने सबको सिखाई है कि अपने यहां काम करने वालों की परवाह करनी चाहिए. जो मजदूर सड़कों पर हैं उन्हें मैं कहूंगा कि पैदल घर मत जाइए. पिछले दिनों हजारों ट्रेन चली हैं और 50 लाख मजदूर घर पहुंचे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जाने में समय लगेगा तो आपको इंतजार करना होगा. भागना नहीं होगा.

Lockdown-5 पर क्या बोले प्रकाश जावडेकर

      • Lockdown-5 पर प्रकाश जावडेकर ने कहा कि भारत को अब जान भी जहान भी पॉलिसी पर काम करना होगा. जान पर हमने काम किया है अब फिर से जहान पर काम करना है. जहान मतलब अर्थ व्यवस्था. देश के कुछ शहर हैं जहां संक्रमण बढ़ रहा है. हालांकि कुछ छूट दी गई हैं. हमें धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाना है. लॉकडाउन विज्ञान पर आधारित है. इसके बारे में अभी नहीं कहा जा सकता. ये आगे ही पता लगेगा.

4 महीने में क्या रही भारत की उपलब्धि

      • भारत में पहले कम सैनेटाइजर बनता था, आज करोड़ों सैनेटाइजर बन रहे हैं. पीपीई किट नहीं बनते थे आज बनने लगे हैं. इन सब में हम दूसरे देशों पर निर्भर थे. आज हम इसमें आत्म निर्भर हुए हैं. ये चार महीनों में बड़ी उपलब्धि है.
      • कोरोना की महामारी अचानक आई. मुझे याद है अपने यहां 30 जनवरी को पहला मामला आया. लेकिन इसके एक महीने पहले ही पीएम मोदी ने कैबीनेट बैठकों में कहना शुरू कर दिया था कि हमें इसके लिए तैयार रहना होगा.

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