BJP सांसद ने कबूला- पुलिस की गाड़ियों और एम्बुलेंस में मंगवाया कालाधन, EC को ऐसे दिया धोखा

सांसद महोदय ने हमारी स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम के सामने कबूला कि पार्टी से 1 करोड़ तक की मदद मिल जाती है. लेकिन आधा पैसा यानि 50 लाख रुपये हवाला के ज़रिए उन तक पहुंचता.


नई दिल्ली: Tv9 भारतवर्ष ने सबसे बड़ा और सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन किया है. इस ऑपरेशन के जरिए आपके द्वारा चुने गए सांसदों की सच्चाई सामने लाई गई है. स्टिंग से पता चलता है कि सांसद चुनाव जीतने के लिए किस तरह से कालेधन का इस्तेमाल करते हैं. जनता की नुमाइंदगी करने वाले इन सांसदों ने खुद बताया है कि कैसे उन्होंने लोकतंत्र को नोटतंत्र में बदलकर रख दिया है.

टीवी 9 भारतवर्ष के स्टिंग ऑपरेशन में सत्ताधारी दल ने एक सांसद ने बताया कि कैसे चुनावी रैली के लिए पार्टी की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं. ये हैं राजस्थान के भरतपुर लोकसभा सीट से सांसद बहादुर सिंह कोली.

बीजेपी सांसद बहादुर सिंह कोली ने चेक के जरिए भी धन लेने से इनकार नहीं किया.

‘एक रैली पर 80 लाख रुपये खर्च’
सांसद ने हमारी खुफिया टीम को बताया अगर रैली बड़े नेताओं की हो तो 80 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं. ये पैसा रैली में लोगों की भीड़ जुटाने में ख़र्च होता है. 2014 में राजस्थान के भरतपुर लोक सभा सीट से जीते इस सांसद ने बताया कि चुनाव लड़ने में 3 करोड़ रुपये तक खर्च हो जाते हैं.

सांसद महोदय ने हमारी स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम के सामने कबूला कि पार्टी से 1 करोड़ तक की मदद मिल जाती है. लेकिन आधा पैसा यानि 50 लाख रुपये हवाला के ज़रिए उन तक पहुंचता. ज़रूरत पड़ी तो लाखों की ये ब्लैकमनी एंबुलेंस या पुलिस की गाड़ी में भेज दी जाती है.
‘कुल खर्च 2-3 करोड़ रुपये’
बीजेपी सांसद बहादुर सिंह कोली दो बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं. कोली ने टीवी9 के स्टिंग ऑपरेशन में कहा कि हमारे यहां ज्यादा खर्च नहीं होता है. यहां पर 2-3 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं.

बीजेपी सांसद ने खुफिया कैमरे में कबूला कि चुनाव प्रचार में 800 तक गाड़ियों का काफिला लेकर जाते हैं. और एक गाड़ी के ऊपर एक दिन में 6 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं.

‘नोटबंदी का नहीं होगा असर’
बीजेपी सासंद ने इस स्टिंग ऑपरेशन में ये दावा भी किया कि नोटबंदी की वजह से इस लोकसभा चुनाव में कोई दिक्कत नहीं आएगी. उनकी बातों से साफ था कि वो चुनाव में खुलकर हवाला के जरिए मिले रुपयों को इस्तेमाल करते हैं.

बीजेपी सांसद ने चेक के जरिए भी धन लेने से इनकार नहीं किया. उन्होंने इसका तरीका भी बता दिया कि ये कैसे होगा.

‘कालेधन के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल’
कोली ने दावा किया कि वो चुनाव में इस्तेमाल होने वाले कालेधन को लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल करते हैं. ये काम पुलिस की गाड़ी के जरिए भी किया जाता है.

संसद में सवाल उठाने के लिए वो किसी तरह का चार्ज नहीं लेते हैं. उन्होंने कबूल किया कि पिछली बार वो कालेधन की बदौलत सांसद बने थे और इस बार भी इसी प्रसास में हैं.

बीजेपी सांसद ने दावा किया कि वोटर्स को लाने के लिए हर बूथ पर 5,000 रुपये का खर्च हुआ.

ये हुए हैरान कर देने वाले खुलासे:

  • 2-3 करोड़ रुपये ब्लैकमनी खर्च करते हैं.
  • गाड़ी और शराब पर लाखों का कालाधन फूंकते हैं.
  • कालेधन से आता है समर्थकों और प्रचारकों का खाना व शराब.
  • वोटिंग से पहले गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर चुनाव आयोग को धोखा.
  • पीएम मोदी की रैली में भींड़ के लिए 10-10 लाख रुपये दिये थे.
  • पीएम मोदी की जनसभा के लिए मिली ज्यादातर रकम खा गए नेता.
  • वोटर्स को लाने के लिए हर बूथ पर 5,000 रुपये का खर्च.
  • चुनाव लड़ने के लिए पार्टी 50 लाख रुपये ब्लैकमनी देती है.
  • हवाला के जरिए कालाधन आसानी से मंगा लेते हैं.
  • चुनावी खर्च के लिए एम्बुलेंस में ब्लैकमनी मंगवाते हैं.
  • दिल्ली से जयपुर और जयपुर से लोकसभा क्षेत्र तक पहुंचता है पैसा.
  • पुलिस की गाड़ियों और एम्बुलेंस में मंगवाया कालाधन.
  • संसद में सवाल के लिए कोई चार्ज नहीं लेते.

ध्यान देने वाली बात ये है कि बीजेपी सांसद जब खुफिया कैमरे में ये खुलासे कर रहे थे, उस समय वो हंस रहे थे. मानो कि लोकतंत्र को लेकर जनता की बेबसी पर हंस रहे हों.