पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन पर संबित पात्रा ने कही ये बात

उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था, राज्य की कानून व्यवस्था मुख्यमंत्री के हाथ में होती है. यदि मुख्यमंत्री इसे संभाल नहीं पाएंगी तो स्वाभाविक है कि चर्चाएं होंगी.

नई दिल्ली: टीवी9 भारतवर्ष की डिबेट में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा और कैलाश विजयवर्गीय के राष्ट्रपति शासन वाले बयान को लेकर सवाल किया तो भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘कैलाश विजयवर्गीय जी के बयान का सवाल है, उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि राष्ट्रपति शासन लगे. लेकिन इसी प्रकार हालात रहे और रोज हमारे कार्यकर्ता मारे जाए तो हम केंद्र सरकार को प्रपोज करेंगे. यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और अधिकार भी. हम लोकतंत्र में जी रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी का बयान क्या था. चुनाव से पहले ममता बनर्जी कह रही थी मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रही हूं. क्या ये लोकतंत्र को बचाना कहलाता है. 23 तारीख से चुनाव परिणाम के बाद अब तक लगभग 15 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है. हर दिन लगभग एक कार्यकर्ता मारा जा रहा है. इससे आश्चर्य का विषय कुछ नहीं हो सकता. पिछले दिनों जब पंचायत चुनाव थे तब बीजेपी के 50 कार्यकर्ता मारे गए थे.’

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कह रही हैं कि जो हमसे टकरायेगा चूर-चूर हो जाएगा. तो कहीं न कहीं इससे वह कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दे रहीं हैं कि जो हमसे टकराया है उसे चूर-चूर कर देना चाहिए. लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था, राज्य की कानून व्यवस्था मुख्यमंत्री के हाथ में होती है. यदि मुख्यमंत्री इसे संभाल नहीं पाएंगी तो स्वाभाविक है कि चर्चाएं होंगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगने का अपना रूल होता है. राज्यपाल केशरी नाथ जी आज प्रधानमंत्री से मिले हैं. उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंपी है. गृहमंत्री अमित शाह से भी मिले हैं.

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