Tv9bharatvarshEconclave: बिहार चुनाव, Lockdown और सियासत… जानें किस पार्टी के नेता ने क्या कहा

बीजेपी की ओर से गौरव भाटिया, जेडीयू की तरफ से केसी त्यागी और कांग्रेस की तरफ से प्रमोद तिवारी, RJD की तरफ से अब्दुल वारी सिद्दीकी ने बिहार में हो रही राजनीति, कोरोना को लेकर तैयारियों समेत कई पहलुओं पर चर्चा की.
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इस साल के अंत में बिहार में चुनावी समर का आयोजन होगा. ऐसे में बीजेपी की ओर से गौरव भाटिया, जेडीयू की तरफ से केसी त्यागी और कांग्रेस की तरफ से प्रमोद तिवारी, एलजेपी की तरफ से एके वाजपेयी, RJD की तरफ से अब्दुल वारी सिद्दीकी ने बिहार में हो रही राजनीति, कोरोना को लेकर तैयारियों समेत कई पहलुओं पर Tv9bharatvarshEconclave में चर्चा की.

एके वाजपेयी- कई राज्यों की सरकारें प्रॉपर तरीके से सुविधाएं पहुंचाने में विफल रही हैं, इसलिए मजदूर घर लौटने के लिए मजबूर हुआ.

एके वाजपेयी– लॉकडाउन हमारे पास ही एकमात्र उपाय था इसलिए लगाया गया. हेल्थ इमरजेंसी थी इसलिए लगाया गया. दुनियाभर में इस कदम को सराहा जा रहा है.

अब्दुल वारी सिद्दीकी- किसी ने मजदूरों पर एहसान नहीं किया, उन मजदूरों ने जीडीपी बढ़ाने में योगदान दिया है. वो किसी और मुल्क में नहीं अपने ही मुल्क में काम कर रहे हैं.

गौरव भाटिया- अब तक 3300 ट्रेन चलाई गई हैं और 45 से 50 लाख लोगों को घर भेजा गया है. महाराष्ट्र और बिहार की आबादी लगभग बराबर है, लेकिन महाराष्ट्र में 1900 लोगों की दुखत मृत्यु हुई हैं और बिहार में 19 लोगों की.

गौरव भाटिया- मोदी जी ने सही समय पर सही फैसला लिया. लॉकडाउन का सख्ति से पालन किया गया, जिसके चलते भारत कई मामलों में अन्य देशों से बेहतर है. इन आंकड़ों से साबित होता है कि लॉकडाउन के जरिए हमने कई जानें बचाई हैं.

प्रमोद तिवारी- बांग्लादेश, सिंगापुर समेत कई देशों ने 5-6 दिन का समय दिया. हम भी देते तो मजदूरों को 1200 किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ता और तब आने वाले मजदूर संक्रमित नहीं होते.

केसी त्यागी- इस पर चर्चा हो सकती है कि ये फैसला मत्रिमंडल को विश्वास में लेकर किए जाते हैं न की सरकारों से चर्चा कर के.

प्रमोद तिवारी- Lockdown लगाने के पहले पीएम मोदी ने सबको विश्वास में क्यों नहीं लिया. लॉकडाउन का ऐलान करने से पहले एक सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए था मुख्यमंत्रियों से बात करनी चाहिए थी. तब मजदूर वापस आते और बिना संक्रमण के आते. लॉकडाउन का सरप्राइज नहीं देना चाहिए था.

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