पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित वर्ष 1998 से 2013 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहीं. दिल का दौरा पड़ने से 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके आकस्मिक निधन के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया.

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  • Publish Date - 3:50 am, Sun, 21 July 19

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की. शनिवार की शाम उनका निधन हो गया. राजकीय शोक की घोषणा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित वर्ष 1998 से 2013 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहीं. दिल का दौरा पड़ने से 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके आकस्मिक निधन के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया.

कांग्रेस की दिग्गज नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन हो गया है. वह 81 वर्ष की थीं. शीला दीक्षित को आज सुबह ही दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. सुबह में घर पर उल्टी होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था.

ये शीला दीक्षित के वो काम हैं जिनकी वजह से दिल्ली के लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे.

1. मेट्रो दिल्ली एनसीआर की लाइफ लाइन है. देश की दूसरी सबसे पुरानी मेट्रो सेवा है. दिसंबर 2002 में जब मेट्रो शुरू हुई तो शीला दीक्षित की सरकार थी.

2. शीला दीक्षित की सरकार में ही दिल्ली में सीएनजी यानी क्लीन एनर्जी की शुरुआत हुई थी.

3. दिल्ली में फ्लाईओवर्स का जाल बिछाने का श्रेय शीला सरकार को जाता है. एक आंकड़े के मुताबिक 87 फ्लाईओवर और अंडरपास शीला दीक्षित की सरकार में बने थे.

4. दिल्ली की सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा करने का श्रेय भी शीला दीक्षित की सरकार को जाता है.

5. दिल्ली भले देश की राजधानी थी लेकिन यहां बिजली की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं थी. शीला दीक्षित की सरकार में दिल्ली को 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हुई.

6. दिल्ली के अंदर ‘भागीदारी सिस्टम’ शुरू करने वाली शीला दीक्षित थीं. इस योजना के जरिए दिल्ली की जनता को सरकार और सिस्टम से जोड़ा.

7. दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयास शीला दीक्षित की सरकार में बहुत हुए. ‘ग्रीन डेल्ही’ कॉन्सेप्ट के जरिए दिल्ली में हरियाली बढ़ाने का काम हुआ.

8. दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक को बेहतर बनाने और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आसान बनाने पर शीला दीक्षित का काफी जोर था.

9. दिल्ली के अंदर बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने की शुरुआत भी शीला दीक्षित ने कराई.

10. साल 2010 में जब दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए तो शीला दीक्षित की ही सरकार थी. इतने बड़े ग्लोबल प्रोग्राम को सफलता पूर्वक अंजाम देने का श्रेय शीला दीक्षित को जाता है.

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