पाकिस्तान में गिरफ्तार हुए दोनों भारतीय 8 महीने पहले ही हो गए थे लापता

प्रशांत के पिता बाबू राव की माने तो वो 8 महीने पहले ही पाकिस्तान में पकड़ा गया है. कल पाकिस्तान के डिफेंस ने जो ट्वीट किया था, उसके बाद ये मामला मीडिया में उजागर हुआ है.

हाल ही में पाकिस्तान में पुलिस ने दावा किया कि उसने दो भारतीयों को गिरफ्तार किया है जो गैरकानूनी तरीके से देश में दाखिल हुए हैं. पाकिस्तान के चोलिस्तान इलाके की पुलिस ने कहा है कि यह दोनों भारतीय बिना किसी वैध दस्तावेज के देश में दाखिल हुए हैं. इनमें से एक की पहचान भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के प्रशांत और शहर हैदराबाद के बारेलाल के रूप में बताई गई है. इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘गिरफ्तार दो लोगों में से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जिससे आशंका पैदा हुई है कि हो सकता है कि इसे किसी जासूसी मिशन या आतंकी हमले के मकसद से पाकिस्तान भेजा गया हो.’

पाकिस्तान में पकड़े गए प्रशांत के बारे में नया मोड़ आया है, प्रशांत के पिता बाबू राव के कहा कि प्रशांत 2017 से गायब था, मगर करीब 8 महीने पहले, अप्रैल के महीने में कोई अंजान व्यक्ति हमारे विशाखापट्नम स्थित घर में आये थे और  हमारे बारे सारी जानकारी ली थी, उसके बाद उन्होंने कहा था कि आपका बेटा पाकिस्तान में पकड़ा गया है.

यानि प्रशांत के पिता बाबू राव की माने तो वो 8 महीने पहले ही पाकिस्तान में पकड़ा गया है. कल पाकिस्तान के डिफेंस ने जो ट्वीट किया था, उसके बाद ये मामला मीडिया में उजागर हुआ है.

वहीं पाकिस्तान में पकड़े गए दूसरे युवक की पहचान हैदराबाद के शीशपुर पट्टी गांव के बारेलाल आदीवासी के रूप में हुई है. जिसकी गुमशुदगी की FIR  4 मार्च 2017 को दमोह के नोहटा थाने में दर्ज हुई थी. पिता ने बताया कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त था.

इससे पहले पाकिस्तानी पुलिस ने अगस्त में जासूसी के शक में राजू लक्ष्मण नाम के शख्स को पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान शहर से गिरफ्तार किया था. जिसे बाद में खुफिया एजेंसियों को सौंप दिया गया. उसने बलूचिस्तान से प्रवेश किया था. पाकिस्तानी ने दावा किया था कि कुलभूषण जाधव को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया था.