लड़की से रेप में नाकाम होने पर 12 साल के मासूम को आतंकियों ने मार डाला

मासूम बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल था. वो चीखती रही, चिल्लाती रही... मेरे बेटे को छोड़ दो... लेकिन आतंकियों ने जरा सी भी रहम नहीं दिखाई.

नई दिल्ली: तुम जो कर रहे हो, वह जिहाद नहीं, जलालत है. समझने की कोशिश करो, ये बिलकुल भी जिहाद नहीं है, इसे जलालत कहते हैं. अल्लाह के लिए इन बेगुनाहों को छोड़ दो. ये बेकसूर हैं, इन्हें मत मारो…

कश्मीरी बोली में ये अपील पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए 12 साल के आतिफ अहमद और उसके चाचा अब्दुल हमीद को छुड़ाने लिए उनके पड़ोसी करते रहे.

दूसरी तरफ, मासूम बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल था. वो चीखती रही, चिल्लाती रही… मेरे बेटे को छोड़ दो, इसने क्या बिगाड़ा है. ये तो मासूम है. इसे छोड़ दो. इसे मत…

लेकिन आतंकियों ने जरा सी भी रहम नहीं दिखाई. रोती-बिलखती मां का उन पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने मासूम आतिफ को मार डाला.

रेप के इरादे से घुसे थे घर में
बात इतनी भर नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, बांदीपोरा में हाजिन के मीर मोहल्ला में गुरुवार शाम को दो आतंकी बंदूक की नोक पर एक घर में घुसे थे. इनका इरादा इस परिवार की लड़की से रेप करने का था लेकिन मौका मिलते ही परिवारवालों ने उसे घर से भगा दिया.

इससे आतंकी काफी भड़क गए और परिवारवालों के साथ बुरी तरह से मारपीट करने लगे. इनकी चीख-पुकार जब पड़ोसियों को सुनाई पड़ी तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी.

सुरक्षा बलों के आने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इस बीच सुरक्षा बल परिवार के कुछ लोगों को घर से सुरक्षित निकालने से सफल रहे लेकिन आतिफ और हामिद घर में ही फंसे रह गए.

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आतिफ के जनाजे में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

हामिद को छुड़ाने में मिली सफलता
पुलिस इन्हें घर से सुरक्षित निकालने के प्रयास में लगातार लगी रही. कुछ घण्टों की मशक्कत के बाद हामिद को छुड़ा लिया गया. इससे डरे आंतकियों ने आतिफ को मार डाला.

कुछ समय बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों को ढेर कर डाला. उनकी पहचान अली उर्फ फुकरान और हुबैब के रूप में हुई है. ये पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैएबा से जुड़े हुए थे.