ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव, पढ़ें बाल ठाकरे से कितनी अलग है सियासत

दिवंगत बाला साहेब ठाकरे ने 1966 में जिस शिवसेना का गठन किया था, उद्धव ने नेतृत्‍व में आज उसने धुर विरोधियों- कांग्रेस और NCP से हाथ मिलाया है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे परिवार के पहले ऐसे शख्‍स होंगे, जो महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा. उद्धव महाराष्ट्र में शिवसेना-NCP-कांग्रेस के ‘महा विकास अगाड़ी’ का नेतृत्व करने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे को छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लड़कर जीतना होगा. उद्धव ने आज तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वह दोनों में से किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. दिवंगत बाला साहेब ठाकरे ने 1966 में जिस शिवसेना का गठन किया था, उद्धव ने नेतृत्‍व में आज उसने धुर विरोधियों- कांग्रेस और NCP से हाथ मिलाया है.

NCP-कांग्रेस पर बाल ठाकरे से कितनी अलग उद्धव की राय?

मराठी मानुष की आवाज के रूप में शिवसेना अस्तित्‍व में आई थी. बीजेपी के साथ हिंदुत्‍व पर सुर मिलने की वजह से ढाई दशक तक गठबंधन रहा. बाल ठाकरे ऐसी शख्सियत थे जो कांग्रेस से खार खाते थे. शरद पवार से उनके निजी रिश्‍ते ठीक थे मगर NCP को उन्‍होंने कांग्रेस से अलग नहीं देखा.

Chief Minister Uddhav Thackeray, ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव, पढ़ें बाल ठाकरे से कितनी अलग है सियासत
Sketch : Rishi Madhani

जब सोनिया गांधी ने महाराष्‍ट्र की राजनीति में दिलचस्‍पी दिखाई तो बाल ठाकरे ने उनका पुरजोर विरोध किया. वो कहते थे कि सोनिया गांधी के सरकार चलाने से अच्‍छा है कि देश अंग्रेजों के हाथ चला जाए. नवंबर 2012 में बाल ठाकरे ने कांग्रेस को ‘कैंसर’ तक कह दिया था. उद्धव उसी सोनिया गांधी और कांग्रेस की मदद से सीएम बनने जा रहे हैं.

शिवसेना और NCP के बीच सार्वजनिक रूप से संबंध तब खराब हुए जब छगन भुजबल ने शरद पवार पर कथित प्‍लॉट घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया. तब कांग्रेस से सीएम रहे पवार के खिलाफ भुजबल ने अकेले ही मोर्चा खोल दिया था. पवार चाहते थे कि बाल ठाकरे दखल दें मगर वह चुप्‍पी साधे रहे. आज उद्धव और शरद पवार एक-दूसरे से हाथ मिलाकर सरकार बनाने जा रहे हैं.

2003 से पार्टी संभाल रहे उद्धव

27 जुलाई 1960 को जन्मे उद्धव ने 2012 में पिता के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाली थी. शिवसेना के मुखपत्र सामना का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उद्धव ने 1999 में महाराष्ट्र में शिवसेना के मुख्यमंत्री नारायण राणे की कार्यशैली और प्रशासनिक योग्यता की खुले तौर पर आलोचना की. इसके बाद हुए विवाद में राणे को इस्तीफा देना पड़ा. बाद में राणे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

Chief Minister Uddhav Thackeray, ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव, पढ़ें बाल ठाकरे से कितनी अलग है सियासत
Sketch : Rishi Madhani

उद्धव के नेतृत्व में शिवसेना को 2002 में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों में भारी मतों से जीत मिली थी. 2003 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया. उद्धव और उनके चचरे भाई राज ठाकरे के बीच 2006 में मतभेद के बाद राज ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया. उद्धव अब शिवसेना की रणनीतिक का केंद्रबिंदु हैं. ‘मातोश्री’ को पावर सेंटर के रूप में अब तक उद्धव ने बरकरार रखा था. हालांकि गठबंधन के बाद कैसी परिस्थितियां होंगी, यह देखने वाली बात होगी.

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