बिना एग्जाम के डिग्री नहीं, सभी यूनिवर्सिटी को Exam कराना अनिवार्य-UGC उपाध्यक्ष

प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने कहा कि यूजीसी (UGC) ने 29 अप्रैल को अपनी गाइडलाइन में  एग्जाम और एकेडमिक कैलेंडर से जुड़ी सभी जानकारियां साझा की थी. साथ ही उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि स्टूडेंट्स ने एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी होगी.

कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से सभी स्कूल, कॉलेज बंद हैं. ऐसे में एग्जाम और प्रमोट करने को लेकर स्टूडेंट में काफी कन्फ्यूजन था. इस बीच हाल ही में यूजीसी ने अपनी गाइडलाइन जारी कर कहा सभी कोर्सेस के फाइनल ईयर स्टूडेंट्स के एग्जाम को कंप्लसरी कर दिया है. गाइलाइन में यूनिवर्सिटी से सितंबर महीने तक एग्जाम कंडक्ट कराने को कहा गया है.

यूजीसी के वाइस प्रेसिडेंट भूषण पटवर्धन ने साफ किया कि सभी यूनिवर्सिटी को फाइनल ईयर स्टूडेंट के पेपर कंडक्ट करवाने होंगे, बिना एग्जाम के डिग्री नहीं दी जाएगी. पिछले हफ्ते ही यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) और मीनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर (MHA) ने फाइनल ईयर स्टूडेंट्स का एग्जाम करवाने का फैसला लिया है. हालांकि अभी भी स्टूडेंट्स में इसे लेकर काफी कंफ्यूजन हैं.

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 UGC गाइडलाइन में पहले से तय थे फाइनल एग्जाम 

प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने कहा कि यूजीसी ने 29 अप्रैल को अपनी गाइडलाइन में  एग्जाम और एकेडमिक कैलेंडर से जुड़ी सभी जानकारियां साझा की थी. साथ ही उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि स्टूडेंट्स ने एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी होगी.

उन्होंने आगे कहा कि एकेडमिक ईयर में बिना एग्जाम के डिग्री देना सही नहीं है और यूजीसी (UGC) भी यही मानता है कि हमें इसे बढ़ावा नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा हमने गाइडलाइन में यूनिवर्सिटी को पूरी छूट दी है कि अपने हिसाब से ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में एग्जाम ले सकते हैं.

एग्जाम डेट में लगातार बदलाव के चलते स्टूडेंट को हुई दिक्कतों पर यूजीसी के वीपी (V.P) ने कहा कि यह तो शुरुआत से साफ था कि एग्जाम होंगे. उन्होंने कहा, मुझे दुख है कि स्टूडेंट को इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा हैं, लेकिन यूजीसी का रूख साफ था कि एग्जाम होंगे. उन्होंने कहा कि ये स्टूडेंट के करियर का सवाल है, हम सवेदनशील होकर फैसला नहीं ले सकते हैं.

उन्होंने कहा कि यूजीसी उम्मीद करता है कि आने वाले महीनों में यूनिवर्सिटी एग्जाम कंडक्ट कराने की तैयारी पूरी कर लेगा.

यूनिवर्सिटी के पास पर्याप्त समय

इस फैसले के पीछे की वजह बहुत से ऐसे फाइनल ईयर स्टूडेंट हैं जिनके पास रिसोर्सेस और टेक्नोलॉजी की कमी है. प्रोफेसर भूषण कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास पेपर कंडक्ट करवाने का पर्याप्त समय है. यूजीसी ने 29 अप्रैल को जारी गाइडलाइन में  बताया था कि इंटरमीडएट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स को प्रमोट किया जाएगा. लेकिन फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को अपना फाइनल एग्जाम देना होगा.

प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास एक महीने से ज्यादा का समय है ताकि आराम से एग्जाम कराने के लिए तैयारियां की जा सके.

यूजीसी की गाइडलाइन सभी यूनिवर्सिटी के लिए अनिवार्य

इंटरव्यू के दौरान यूजीसी के वाइस प्रेसिडेंट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सभी यूनिवर्सिटी के लिए फाइनल ईयर के स्टूडेंट का एग्जाम करवाना अनिवार्य होगा. स्टूडेंट की सेफ्टी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी गारंटी कोई नहीं ले सकता है. परिस्थितियां रोज बदल रही है कल क्या होगा नहीं पता. लेकिन जब शराब की दुकाने, मार्केट खुल सकते हैं तो एग्जाम क्यों नहीं होंगे.

उन्होंने कहा कि हालातों को देखते हुए सितंबर तक की डेडलाइन दी गई है. अगर सितंबर तक परिस्थितियों में बदलाव आता है तो कमीशन उस हिसाब से फाइनल एग्जाम पर फैसला लेगा.

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