‘बाबरी केस में जेल जाना मंजूर, जमानत नहीं लूंगी’, उमा भारती का जेपी नड्डा को पत्र

उमा भारती (Uma Bharti) ने कहा कि मुझे अयोध्या (Ayodhya) आंदोलन में भागीदारी पर गर्व है. मैंने तो हमेशा कहा है कि अयोध्या के लिए तो फांसी भी मंजूर है. मैं नहीं जानती फैसला क्या होगा, लेकिन में अयोध्या पर जमानत नहीं लूंगी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:58 pm, Mon, 28 September 20
उमा भारती (FILE)

बाबरी विध्वंस मामले (Babri Demolition Case) पर 30 सितंबर को लखनऊ में CBI की स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाली है, लेकिन इससे पहले ही BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को पत्र लिख कर कहा कि वे इस मामले में जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जमानत नहीं लेंगी.

अपने पत्र में उमा भारती ने लिखा, “30 सितंबर को लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में फैसला सुनने के लिए मुझे पेश होना है. मैं कानून को वेद, अदालत को मंदिर एवं जज को भगवान का रूप मानती हूं. इसलिए अदालत का हर फैसला मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद होगा.”

उमा भारती ने कहा, “मुझे अयोध्या आंदोलन में भागीदारी पर गर्व है. मैंने तो हमेशा कहा है कि अयोध्या के लिए तो फांसी भी मंजूर है. मैं नहीं जानती फैसला क्या होगा, लेकिन में अयोध्या पर जमानत नहीं लूंगी. जमानत लेने से आंदोलन में भागीदारी की गरिमा कलंकित होगी. ऐसे हालातों में आप मुझे नई टीम में रख पाते है कि नहीं इस पर विचार कर लीजिए.”

“अदालत का फैसला मेरे सिर माथे”

उन्होंने आगे लिखा, “यह गर्व, आनंद और आश्चर्यपूर्ण विसंगति का विषय है कि जिस अयोध्या मामले में 2017 में CBI ने मुझे साजिशकर्ता होने पर शक जताया, उसी का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने 5 अगस्त 2020 को किया. माननीय अदालत इस पर जो फैसला देगी वह मेरे सिर माथे होगा.”

उमा ने कहा कि मुझे आप 30 साल से जानते हैं. विचार-निष्ठा और परिश्रम ही मेरी राजनीति के आधार हैं. उन्होंने लिखा, “मैं राम मंदिर के लिए भी लड़ी और राम राज्य के लिए भी लड़ी. मैंने हिंदुत्व को सर्व समावेशी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इसलिए दलित, आदिवासी, सभी वर्गों के गरीब और विशेषकर पिछड़ा वर्ग बीजेपी से जुड़ जाए और जुड़े रहे इसमें मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी.”

“राम मंदिर बन गया, लेकिन रामराज्य अभी बाकी”

बीजेपी नेता ने लिखा, “पार्टी ने मुझे निकाल दिया था तब भी मैंने राष्ट्रवाद और इन वर्गों की चिंता नहीं छोड़ी थी. राम, गंगा, तिरंगा और वंचित वर्ग इनके लिए मेरी जान हाजिर है. राम मंदिर बन गया, लेकिन रामराज्य अभी बाकी है. मेरे सामने बहुत लंबी जिंदगी बाकी है, जो कि मैं अब राम राज्य के लिए लगाऊंगी.”

आखिर में उन्होंने लिखा, “इसलिए मैं आपके विवेक पर छोड़ती हूं कि आप मुझे पदाधिकारियों की टीम में रख पाते हैं कि नहीं. मेरे लिए तो भगवान की कृपा और सर्वजन समाज का साथ ही मेरी शक्ति है. आप मेरे बारे में आंखें मूंद के फैसला ले सकते हैं. मैं तो बीजेपी की रिजर्व फोर्स हूं. जरूरत पड़ने पर हमेशा काम आऊंगी.”

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