केंद्रीय कैबिनेट ने दी नई MSP को मंजूरी, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में दी जानकारी

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में जानकारी दी है कि फसलों की नई न्यूनतम समर्थन मूल्य (msp) को कैबिनेट की स्वीकृति दे दी गई है.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 6:07 pm, Mon, 21 September 20

केंद्रीय कैबिनेट ने रवि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (msp) को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में ये जानकारी दी है. कैबिनेट ने नई MSP के तहत गेंहूं, जौ, तलहन और दलहन के दामों में वृद्धि को मंजूरी दी है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में जानकारी दी है कि फसलों की नई न्यूनतम समर्थन मूल्य को कैबिनेट की स्वीकृति दे दी गई है.

अमित शाह ने ट्वीट कर दी जानकारी

गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार द्वारा जारी नई MSP के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी. उन्होंने बताया, “गेहूं की MSP में 50 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि, चना 225 रुपए प्रति क्विंटल, जौं 75 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 300 रुपए प्रति क्विंटल, सरसों और रेपसीड 225 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम्भ 112 रुपए प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक वृद्धि कर किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया है.”

विरोधियों पर किया हमला

केंद्रीय गृह मंत्री ने इस बिल का विरोध करने वालों पर हमला बोलते हुए कहा, “जो लोग किसानों को भड़का कर अपनी खोई राजनीतिक जमीन ढूंढ़ रहे हैं, उन्होंने 2009-14 तक सत्ता में रहते हुए किसानों से मात्र 1.25 लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी, वहीं मोदी सरकार ने 2014-19 में 76.85 लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी. ये 4962 प्रतिशत का फर्क उनके ढोंग और मोदी जी के समर्पण को साफ दर्शाता है.

लोकसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के लोकसभा में बयान से नाराज होकर कांग्रेस के पंजाब के सांसदों ने लोकसभा के अंदर पेपर फाड़े, किसान विरोधी सरकार की नारेबाजी की और फिर सदन से वॉक आउट किया.

कृषि बिल को लेकर हो रहा है विरोध

मालूम हो कि कृषि से संबंधित तीन विधेयकों को लेकर पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं संसद में भी विपक्षी दलों के नेता इस बिल का जमकर विरोध कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने इस बिल को लेकर मंत्रिपद से इस्तीफा तक दे दिया है. वहीं उनकी पार्टी अकाली दल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर विधेयक पर हस्ताक्षर न करने का अनुरोध किया है.