राज्यसभा में अमित शाह: दंगाई किसी भी धर्म, जाति या पार्टी का हो बख्शा नहीं जाएगा

दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) पर लोकसभा (Loksabha) के बाद अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा (Rajyasabha) में कहा कि हिंसा करने वाले पाताल में भी छिप जाएं, उन्‍हें हम निकाल बाहर लाएंगे.

लोकसभा (Loksabha) में दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) पर बोलने के बाद गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने राज्यसभा (Rajyasabha) में कहा कि हिंसा के दोषी और इसकी साजिश रचने वालों को नहीं बख्शा जाएगा. उनके दिल में कानून का डर बैठना बहुत जरूरी है. शाह ने कहा कि हिंसा करने वाले पाताल में भी छिप जाएं, हम उन्हें निकाल बाहर लाएंगे.

अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का बचाव करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस पर कोई आरोप न लगाएं, अगर आरोप लगाने ही हैं तो मुझ पर लगाएं. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अपना काम पूरी मुस्तैदी के साथ किया है.

अमित शाह के भाषण की अहम बातें…

  • फेस रिक्‍गनिशन से किसी की निजता भंग नहीं हो रही है.
  • किसी की जान चली गई, किसी का घर जल गया और आप बात करते हैं निजता की.
  • मैं डेरेक साहब को आश्‍वस्‍त करना चाहता हूं कि हमारी तरफ से कोई निजता का हनन नहीं किया गया है.
  • जहां दंगा हुआ है उनसे यूपी की सीमा सटी हुई है.
  • कई जगह निजी हथियार भी चले हैं.
  • 25 तारीख की सुबह से ही दिल्‍ली के हर पुलिस थाने ने अमन कमेटी की बैठक बुलानी शुरू कर दी थी.
  • जो लोग हिंसा कर रहे है, दंगा कर रहे हैं ऐसे 1922 लोगों के चेहरों को पहचान की गई है.
  • इसमें 336 लोग यूपी के हैं.
  • 24 तारिख को ही यूपी के बॉर्डर सील कर दिए गए थे.
  • 700 से ज्यादा FIR दर्जी की गई हैं.
  • हिंसा करने वाले पाताल में भी छिप जाएं, हम उन्हें निकाल बाहर लाएंगे.
  • 24 फरवरी के पहले ही हमें पता चल गया था कि हिंसा फैलाने के लिए विदेश से पैसे लाए गए हैं.
  • 40 से ज्यादा स्पेशल टीम सिर्फ छापेमारी और गिरफ्तारी के लिए बनाई गई हैं.
  • दो ISIS के लोग भी गिरफ्तार हुए हैं जो नफरत फैलाने का काम कर रहे थे.
  • हेड कांस्टेबल रतन लाल और अंकित शर्मा को मारने वालों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
  • दंगों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
  • दंगों की जांच के लिए सभी 12 थानों में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त हो चुके हैं.
  • इसके साथ ही तीन SIT भी बनाई गाई हैं, जो दंगों की जांच कर रही हैं
  • दिल्ली हिंसा में इस्तेमाल हुए 125 हथियार पकड़े गए हैं.
  • हमनें पब्लिक और मीडिया से वीडियो फुटेज मंगवाए हैं, जिसका सक्रुटनी दिल्ली पुलिस हेड कार्वटर पर हो रही है.
  • दंगाइयों की पहचान के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड के जरिए फेस रीडिंग की जा रही है.

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