उन्नाव गैंगेरप-मर्डर: कमिश्नर के वादे पर माना परिवार, हजारों नम आंखों ने दी पीड़िता को अंतिम विदाई

'मुझे बचाओ, मैं मरना नहीं चाहती, मैं उन्हें फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं' ये पीड़िता के अंतिम शब्द थे.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गैंगरेप और मर्डर केस की पीड़िता के पार्थिव शरीर को रविवार दोपहर को हजारों शोक संतप्त लोगों की मौजूदगी में हिंदूपुर गांव के बाहरी इलाके में दफना दिया गया. इसके पहले पीड़िता के पिता और बहन ने अंतिम संस्कार से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि उनके आने से पहले हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. कमिश्नर के वादे पर आखिरकार वह मान गए.

‘मुझे बचाओ, मैं मरना नहीं चाहती, मैं उन्हें फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं’ ये पीड़िता के अंतिम शब्द थे.

उन्नाव की 23 साल की बेटी को गुरुवार 5 दिसंबर की सुबह मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया. उसने करीब 43 घंटे तक जीवन से संघर्ष किया, लेकिन शुक्रवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर मौत के मुंह में समा गई. जलाए जाने के 65 घंटे बाद पीड़िता का शव उसके घर पहुंचा. इसके बाद पूरा गांव गम और गुस्से से भरा हुआ है.

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  • कमिश्नर मेश्राम ने कहा कि आज से ही हम परिवार को 24 घंटे की सुरक्षा दे रहे हैं और परिवार को आवास दिए जा रहे हैं. इसके अलावा परिवार की मुलाकात सीएम योगी आदित्यनाथ से करवाने का वादा किया गया है.
  • लखनऊ कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने TV9 से कहा कि बातचीत के बाद पीड़िता परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गया है. इसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
  • पीड़िता की बहन ने TV9 से कहा, “डीएम ने हमारी बात फोन पर किसी अधिकारी से कराई. वह भी समझा रहे थे कि सब हो जाएगा पर हम नही मानेंगे.”
  • डीएम से बात करके बाहर निकली उन्नाव पीड़िता की बहन ने TV9 से कहा, “एक दिन नहीं, एक महीना नहीं, एक साल लग जाए तो भी नहीं करेंगे अंतिम संस्कार, जब तक योगी नही आते हैं. हमे आज ही चाहिए इंसाफ.”
  • डीएम ने सीएम योगी के चुनाव प्रचार में व्यस्त होने की बात बताते हुए उनके नहीं आने की बात कही.
  • पीड़िता की बहन के मुताबिक डीएम ने कहा कि अंतिम संस्कार करवा दो, नौकरी दिलवा देंगे. तुम्हारी सारी मांगे पूरी करवा देंगे.
  • उन्नाव डीएम के साथ बातचीत खत्म कर बाहर आने पर पीड़िता की बहन ने कहा कि डीएम जल्दी अंतिम संस्कार करवाने पर अड़े हैं.
  • इस बीच आसपास के चार जिलों से अतिरिक्त बलों को गांव में तैनात किया गया है और क्षेत्र में फायर टेंडर भी तैनात किए गए हैं.
  • सरकार की ओर से दो राज्य मंत्री मृतका के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहेंगे.
  • शनिवार से गांव में तैनात वरिष्ठ अधिकारी परिवार को समझा रहे हैं कि उनकी सभी मांगें पूरी की जाएंगी और उन्हें दफनाने में देरी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि पहले ही मौत को 36 घंटे हो चुके हैं.
  • परिवार के अनुसार, अविवाहित लड़कियों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, बल्कि उनके समुदाय में दफनाया जाता है.
  • भाई ने कहा कि वे पुणे से कुछ रिश्तेदारों के आने का इंतजार कर रहे थे और उसके बाद मृतका को दफनाया जाएगा.
  • पीड़िता के भाई ने कहा, “हम उसे जमीन के एक भूखंड में दफनाएंगे जो गांव के बाहरी इलाके में परिवार का है. जैसा कि वह काफी हद तक जल चुकी थी और उसके शरीर में लगभग कुछ भी नहीं बचा है. हम यहां उसके लिए एक स्मारक बनाने की कोशिश करेंगे.”
  • पीड़िता के पिता ने भी कहा कि प्रशासन उनपर अंतिम संस्कार करने का दबाव बना रहा है. डीएम ने उनकी बेटी को घर के भीतर बुलाया है. वे बातें कर रहे हैं.
  • पिता ने सीएम योगी से आरोपियों को फांसी देने और परिवार के लिए नौकरी के वादे की मांग की है.
  • पीड़िता की बहन के मुताबिक एसपी उन पर जल्दी अंतिम संस्कार के लिए दबाव बना रहे हैं. एसपी ने उनसे कहा कि फिल्म क्यों बनवा रही हो अंतिम संस्कार करवाओ.

  • पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर अभी समय तय नहीं हो पाया है. पहले पीड़िता के रिश्तेदार सुबह पहुंचने वाले थे. इसलिए सात बजे के बाद का समय तय किया गया था. लेकिन पीड़िता की बहन के मुम्बई से उन्नाव पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार होने की उम्मीद की जा रही थी.
  • बताया जा रहा है कि लगभग 10 बजे तक अंतिम संस्कार हो सकता है.
  • भगवंनगर से बीजेपी विधायक और विधानसभा अध्यक्ष हृयनारायण दीक्षित के बेटे को बीती देर रात पीड़िता के घर पहुंचने पर विरोध और शिकायत झेलनी पड़ी. पीड़िता के पिता ने उनसे कहा कि मैं आपके पास गया था, पर मेरी किसी ने सुनी नहीं ,अगर आप सुन लेते तो आज मेरी बेटी जिंदा होती.
  • उन्होंने आरोप लगाया कि आपके लोगों ने मेरी बात तक नहीं सुनी. आपके फोन करने से प्रधान के हौसले बुलंद थे, तभी मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई.

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