उन्‍नाव रेप पीड़‍िता के रोड एक्‍सीडेंट की जांच के लिए CBI को दो हफ्ते की मोहलत

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों को कहा कि वे पब्लिक स्टेटमेंट देने से परहेज करें.

सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता ओर उसके वकील के साथ हुए सड़क हादसे की जांच के लिए सीबीआई को 2 सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दी. SC ने UP सरकार को आदेश दिया कि वह वकील को उसके उपचार के खर्च के लिए 5 लाख रुपये की राशि दे. वकील की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

सुप्रीम कोर्ट ने उन्‍नाव रेप पीड़‍िता और उसके परिजनों को कहा कि वे पब्लिक स्टेटमेंट देने से परहेज करें. वो स्टेटमेंट देकर एक तरह से आरोपी की मदद कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगर आपका कोई मुद्दा है या आपको कुछ कहना है तो अपने वकील के जरिये सुप्रीम कोर्ट को बताएं, हम उस पर विचार करेंगे”.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पीड़िता का इलाज चल रहा है, उसे लखनऊ से यहां स्थानांतरित किया गया था. पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे एडवांस सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है.

रायबरेली में 28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता अपनी चाची, मौसी और अपने वकील के साथ कार में यात्रा कर रही थी. उसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उस कार में जोरदार टक्कर मार दी. ट्रक का नंबर ग्रीस से मिटाया गया था, इसलिए यह हादसा संदेहास्पद बना हुआ है. पीड़िता की मौसी मामले की गवाह थी. आशंका व्यक्त की जा रही है कि गवाह और वकील सहित पीड़िता को खत्म करने की साजिश के तहत कार में टक्कर मारी गई होगी.

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