उन्नाव: केस में समझौता नहीं चाहती थी पीड़िता, आरोपी से मेरी बात भी हुई…पहले वकील ने किए कई खुलासे

पीड़िता के पहले वकील एसएन मौर्य ने ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसपी के नाम एक प्रार्थना पत्र लिखा था.

उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद इस मामले में कई खुलासे हो रहे हैं. पहला खुलासा हुआ कि पीड़िता का दूसरा वकील महेश राठौर 2 लाख रुपये  का लालच देते हुए केस रफा-दफा करने के लिए पीड़िता पर दवाब बना रहा था.

वकील और पीड़िता के बीच की चैट सामने आई. जिसमें वकील उससे 2 लाख रुपए के बदले कॉम्प्रोमाइज करने की बात करता है. टीवी9 से बातचीत में वकील ने आरोपों को कबूल किया है. आरोपी वकील महेश राठौर ने कहा कि उन्होंने बातचीत तो की है, लेकिन ऐसा उन्होंने चेक करने के लिए किया.

वहीं इस बात के सामने आते ही पीड़िता के पहले वकील एसएन मौर्य ने भी बड़ा खुलासा किया है. वकील एसएन मौर्य ने बताया कि पीड़िता केस में समझौता नहीं चाहती थी. वह केवल इंसाफ चाहती थी. पीड़िता ने पैसों को लेकर कोई बात नहीं की. वह केस वापिस नहीं करना चाहती थी.

एसएन मौर्य ने पीड़िता का केस दूसरे वकील महेश राठौर को दे दिया था. उन्होंने कहा कि मुझे वकील महेश की वायरल चैट के बारे में पता नहीं है.

पहले वकील एसएन मौर्य ने कहा कि पीड़िता का जो शादी अनुबंध पत्र था उसमें गवाहों के हस्ताक्षार नहीं थे. शादी के अनुबंध पत्र की नोटरी में वकील का हस्ताक्षर अपठनीय था. मैंने उसकी पहली याचिका दायर की थी.

एसएन मौर्य ने कहा कि पीड़िता ने शिवम त्रिवेदी से बात कराई थी. शिवम पत्नी बनाना नही चाहता था. उन्होंने बताया कि जनवरी एफआईआर के आदेश में हो गए थे. पुलिस ने मार्च में एफआईआर दर्ज की थी. पुलिस ने एफआईआर में देरी की.

बता दें कि पीड़िता के पहले वकील एसएन मौर्य ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसपी के नाम एक प्रार्थना पत्र लिखा था, लेकिन सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले वकील ने इस केस को लड़ने में अपनी असमर्थता जताते हुए पीड़िता को दूसरे वकील महेश राठौर के पास भेज दिया था जिसके बाद से कोर्ट में पीड़िता का पक्ष महेश राठौर ही रख रहे थे.

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