ICU के बाहर बैठी उन्नाव गैंगरेप पीडि़ता की मां, हर डॉक्‍टर से पूछती है एक ही सवाल

दीदी अक्सर कहती है कि तुम खूब पढ़ो और पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बनना. फिर दिल्ली में रहना और उन्नाव वापस मत आना : पीड़िता का भाई

लखनऊ: उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता सड़क हादसे के पांचवें दिन भी वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रही है. उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. उसकी हालत में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है. केजीएमसी के प्रवक्ता डॉ़ संदीप तिवारी ने गुरुवार को बताया कि पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है. उसका परिवार पिछले 4 दिनों से बिटिया के ठीक होने की आस लगाए ICU के बाहर बैठा है. पीड़िता की मां ICU से बाहर निकलने वाले हर डॉक्टर से यही सवाल करती है कि उसकी बच्ची अब कैसी है.

डॉ़ तिवारी ने बताया कि पीड़िता की सीटी स्कैन रिपोर्ट लगभग सामान्य है. उसके खून के नमूने लेकर कई तरह की जांच कराई गई है. डॉक्टरों की टीम दोनों मरीजों की निगरानी कर रही है.

उन्होंने बताया कि ऐसी हालत में लिए किसी भी मरीज को ज्यादा देर के लिए वेंटिलेटर से नहीं हटाया जा सकता और लगातार भी नहीं. मरीज को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बार-बार वेंटिलेटर पर रखा जाता है, ताकि कमजोर अंगों को सहारा मिलता रहे.

जिसका डर था, वही हुआ

पीड़िता के परिवार वालों का कहना है कि अगर ये मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाता तो उन्हें आज ये दिन नहीं देखना पड़ता. बिटिया के जान से मारे जाने का डर था, आज सच होता जा रहा है. एक बिटिया ठीक हो जाए हम यूपी छोड़ देंगे. घटना के बाद से ही हम लोग यूपी छोड़ना चाह रहे थे लेकिन मुकदमे के चक्कर में यूपी आना पड़ गया.

दीदी ने कहा था, दिल्ली में पढ़ना

पिता की मौत के बाद पीड़िता के परिवार अब मां, 4 साल का भाई और 4 बहनें बचे हैं. मां की बगल में बैठा उसका भाई ICU से अंदर-बाहर जा रही डॉक्टर्स की टीम को देखता रहता है. वो सबसे बस एक ही सवाल पूछता है, दीदी कब ठीक होगी?वो बाहर कब आएगी?

उसने बताया कि दीदी अक्सर कहती है कि तुम खूब पढ़ो और पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बनना. फिर दिल्ली में रहना और उन्नाव वापस मत आना.

दुष्कर्म पीड़िता रविवार को अपनी चाची, मौसी और अधिवक्ता के साथ कार से रायबरेली जिला कारागार में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी, तभी बारिश के दौरान रायबरेली में दोपहर करीब एक बजे सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी थी. हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. चाची दुष्कर्म मामले में CBI की गवाह थीं, जबकि गंभीर रूप से घायल पीड़िता का लखनऊ स्थित ट्रमा सेंटर में इलाज चल रहा है.

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