पढ़िए, UPSC 2nd टॉपर अक्षत की कहानी, पहले प्रयास में दो अंक से रह गए थे पीछे

यूपीएससी परीक्षा में अपने पहले प्रयास में अक्षत केवल दो नंबरों से रह गए थे. इस नाकामी ने उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा दी.

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सर्विस परीक्षा 2018 के नतीजे घोषित किए. यूपीएससी की इस परीक्षा में जहां कनिष्क कटारिया ने ऑल इंडिया रैंकिंग में प्रथम स्थान पाया, तो वहीं 23 वर्षीय अक्षत जैन को दूसरी रैंक मिली. यह प्रतिभाशाली युवा अक्षत जैन के लिए बहुत खुशी की बात है कि उनका नाम सिविल सर्विस परीक्षा के कामयाब उम्मीदवारों की सूची में शामिल हुआ है.

यूपीएससी परीक्षा में अपने पहले प्रयास में अक्षत केवल दो नंबरों से रह गए थे. इस नाकामी ने उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा दी और अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अक्षत ने न केवल सिविल सर्विस परीक्षा के नतीजों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया बल्कि ऑल इंडिया में दूसरा स्थान भी प्राप्त किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षत ने यूपीएससी में दूसरे प्रयास में दूसरा रैंक पाने की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दूसरी रैंक तो भूल ही जाएं, उन्होंने इसकी बिलकुल भी उम्मीद नहीं की थी कि उनका नाम कामयाब उम्मीदवारों की सूची में शामिल होगा.

उन्होंने बताया कि उनका इंटरव्यू कुछ खास नहीं गया था. वहीं एएनआई से बातचीत के दौरान अक्षत ने कहा, “मैं इस कामयाबी का श्रेय भगवान, मेरे परिवार और अपने दोस्तों को देना चाहता हूं, जिन्होंने मेरा हर प्रकार से समर्थन किया. मैं बहुत पढ़ाई करता था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं मशीन की तरह काम कर रहा था. मैं पढ़ाई से ब्रेक भी लेता था और दोस्तों के साथ बाहर मौज-मस्ती भी करने जाता था.”

अक्षत के पिता डीसी जैन एक आईपीएस अधिकारी हैं, जो कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन में ज्वाइंट डायरेक्टर हैं. वहीं अक्षत की मां सिम्मी जैन आईआरएस अधिकारी हैं. अक्षत की स्कूलिंग जयपुर में हुई है. 12वीं पास करने के बाद उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी से डिजाइन में स्नातक डिग्री ली. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्षत जब में थर्ड ईयर में थे, तब उन्होंने फैसला किया था कि वे सिविल सर्विस की तैयारी करेंगे.

UPSC Top Ten

1. कनिष्क कटारिया
2. अक्षत जैन
3. जुनैद अहमद
4. श्रेयांस कुमत
5. सृष्टि जयंत देशमुख
6. शुभम गुप्ता
7. करनति वरुनरेड्डी
8. वैशाली सिंह
9. गुंजन द्विवेदी
10. तन्मय वशिष्ठ शर्मा