आज ही के दिन उरी में पाकिस्तान ने की थी कायराना हरकत, भारत ने दिया था कभी न भूलने वाला जवाब

हमलावरों (Attackers) ने सुबह साढ़े पांच बजे निहत्थे, सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, दुश्मनों की नापाक चाल से बेखबर जवान उस वक्त चैन की नींद सो रहे थे. उरी (Uri) हमले ने सरकार समेत पूरे देश को हिलाकर रख दिया था.

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  • Publish Date - 1:10 pm, Fri, 18 September 20

उरी (Uri) हमले की आज चौथी बरसी है. 18 सितंबर 2016 को आज ही के दिन पाकिस्तान (Pakistan) के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर हमला किया था. इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हुए थे. इस आतंकी हमले ने पाकिस्तान के उन दावों की पोल खोल दी , जिसमें वह हमेशा चिल्ला-चिल्ला कर कहता रहा कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगार नहीं है. इस हमले के बाद भारतीय सेना में बहुत आक्रोश था. अपने 19 साथियों की शहादत का बदला लेने के लिए सैन्यबलों ने करीब छह घंटे तक आतंकियों से जद्दोजहद की और आखिर में चारों आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाकर ही दम लिया.

उरी हमला उस वक्त भारतीय (Indian) सेना पर पिछले 20 सालों में किया गया सबसे बड़ा हमला था. घात लगाकर बैठे हमलावरों ने सुबह साढ़े पांच बजे निहत्थे, सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, दुश्मनों की नापाक चाल से बेखबर जवान उस वक्त चैन की नींद सो रहे थे. उन्हें दुश्मन की चाल का जरा भी अंदाजा नहीं था. उरी हमले ने सरकार समेत पूरे देश को हिलाकर रख दिया था.

महाभारत के धृतराष्ट्र से पीएम मोदी, राजनाथ सिंह की तुलना

उरी हमले के बाद सरकार (Government)  विपक्ष और आम जनता के निशाने पर थी. एक तरफ जनता लगातार सरकार से आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की मांग कर रही थी. ट्विटर पर पीएम मोदी और राजनाथ सिंह को जमकर ट्रोल (Troll) किया जा रहा था. ट्विटर पर पीएम मोदी और तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र और गांधारी से की जा रही थी. वहीं विपक्ष भी लगातार सरकार पर निशाने से नहीं चूक रहा था.

विपक्ष ने तो यहां तक कह दिया था कि पीएम मोदी (Modi) को जुमलेबाजी भारी पड़ी है. वहीं दिल्ली में लगातार हाई लेवल मीटिंग का दौर चलता रहा. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इन खूफिया बैठकों में हिस्सा लिया. हमले के बाद और सर्जिकल स्ट्राइक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शब्द भी नहीं बोला, जिसपर विपक्षी दलों ने उनकी काफी आलोचना की. कई दौर की बैठकों के बाद सरकार ने आतंकी संगठन पर कार्रवाई का फैसला लिया.

भारतीय शेरों की गर्जना से थर्रा उठा पाकिस्तान

उरी हमले के 10 दिन बाद, 28-19 सितंबर की आधी रात को भारतीय सेना के 150 स्पेशल कमांडो बदले की कार्रवाई करते हुए पीओके में तीन किमी भीतर घुस गए.  भारतीय शेरों की गर्जना से  पाकिस्तान बुरी तरह थर्रा उठा. भारतीय सेना के जवानों ने अपने 19 साथियों की शहादत का बदला लेते हुए पाकिस्तान के भिंवर, लीपा वैली, केल, तत्तापानी इलाकों में बने लॉन्चिंग पैड को पूरी तरह तबाह कर दिया.

भारतीय सेना की कार्रवाई में करीब 50 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई.  आतंकियों पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक से नापाक पाकिस्तान बुरी तरह तिलमिलाया गया. इस पूरे ऑपरेशन को भारतीय सेना ने इतनी मुस्तैदी के साथ अंजाम दिया कि पाकिस्तानी सेना को इसकी भनक तक नहीं लगी. आतंकिस्तान बने पाकिस्तान ने उस वक्त सोचा भी नहीं था कि भारतीय शेर उसकी कायराना हरकत का जवाब कुछ इस तरह देंगे.