फिर कटघरे में लाया गया मसूद अजहर, चीन ने कहा- यूएस इसे उलझा रहा है

फ्रांस-ब्रिटेन की मदद से अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लाया है.

नई दिल्ली: जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के चीफ मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा रहा है. अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव ले गया है.

फ्रांस-ब्रिटेन की मदद से अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लाया है. अमेरिका द्वारा लाए गए प्रस्ताव को यूएनएससी के सभी 15 सदस्यों को दिया गया है और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है. अगर प्रस्ताव पर एकराय बनती है तो मसूद पर ट्रैवल बैन, संपत्ति सीज होने जैसी कई कार्रवाई हो सकती हैं.

करीब दो हफ्ते पहले भी ऐसा ही प्रस्ताव लाया गया था लेकिन चीन ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर प्रस्ताव को निरस्त करवा दिया. चीन की चाल के कारण लगाकर चौथी बार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया गया था. सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने मसूद पर कार्रवाई का समर्थन किया था.

संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि यह “पहली बार” है जब अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को सीधे स्थानांतरित कर दिया है. पिछले दिनों जेएम प्रमुख को नामित करने के लिए सुरक्षा परिषद की मंजूरी समिति में प्रस्तावों को सूचीबद्ध किया गया है.

चीन ने गुरुवार को अमेरिका पर यूएन की आतंक निरोधी संस्थान को कमजोर करने का आरोप लगाया. चीन ने कहा, अमेरिका का मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए जबरदस्ती प्रस्ताव लाने का प्रयास कर रहा है. इससे यह मुद्दा और उलझ जाएगा.