Aarogya Setu App से यूजर्स डिलीट करा सकते हैं अपना डेटा, सरकार ने बनाया प्रोटोकॉल

सारकार ने आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) इमरजेंसी डेटा एक्सेस और नॉलेज शेयरिंग प्रोटोकॉल, 2020 के तहत इन नियमों को बनाया है, जो अगले छह महीनों के लिए लागू होगा. यूजर्स की अपील पर 30 दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी.
Users can delete their data from Aarogya Setu App, Aarogya Setu App से यूजर्स डिलीट करा सकते हैं अपना डेटा, सरकार ने बनाया प्रोटोकॉल

केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस (Coronavirus) के लिए बनाई आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) के यूजर्स की जानकारी और डेटा से जुड़े मामलों पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इसके तहत कोई भी यूजर आरोग्य सेतु पर उसकी तरफ से दी गई संबंधित जानकारियों और डेटा को डिलीट करने का अनुरोध कर सकता है.

180 दिनों से ज्यादा सेव नहीं रहेगा डेटा

ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपयोगकर्ताओं की इस अपील पर 30 दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सजा का प्रावधान भी किया गया है. गाइडलाइंस के अनुसार 180 दिनों से अधिक डेटा के भंडारण पर रोक लगायी गई है, जो कि पहले 60 दिन थी.

6 महीनों के लिए लागू होगा प्रोटोकॉल

सारकार ने आरोग्य सेतु इमरजेंसी डेटा एक्सेस और नॉलेज शेयरिंग प्रोटोकॉल, 2020 के तहत इन नियमों को बनाया है, जो अगले छह महीनों के लिए लागू होगा. उपयोगकर्ता के नाम, मोबाइल नंबर, आयु, लिंग, पेशा और यात्रा इतिहास के बारे में डेटा इस दायरे में आते हैं.

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डेटा सुरक्षा के मुद्दे को देखते हुए बनाया गया प्रोटोकॉल

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने बताया कि ऐप पर डेटा सुरक्षा के सवाल को देखते हुए यह प्रोटोकॉल बनाया गया है. लोगों के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग न हो सके उसके लिए यह एक अच्छी नीति बनाई है.

30 दिन के भीतर होगी कार्रवाई

मंत्रालय ने कहा कि अधिकांश मामलों में यूजर्स का मोबाइन नंबर, लोकेशन और दूसरी गोपनीय जानकारियां 180 दिन के अंदर स्थायी रूप से हटा दी जाएंगी. लेकिन जब तक प्रोटोकॉल लागू रहेगा तब तक जनसांख्यिकीय डेटा (Demographic Data) रहेगा. यदि कोई व्यक्ति अनुरोध करता है कि उसे हटा दिया जाए, तो अनुरोध के 30 दिनों के भीतर ऐसा कर दिया जाएगा.

एजेंसियों और राज्यो सरकारों से साझा किया जा सकता है डेटा

प्रोटोकॉल के तहत केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों के साथ-साथ राज्य सरकारों के साथ “डी-आइडेंटेड” रूप में स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सहायता करने के लिए डेटा साझा करने की अनुमति देता है. हालांकि निष्पक्ष रूप से डेटा को संभालने की जिम्मेदार इन एजेंसियों और राज्य सरकारों की होगी और वे इसे 180 दिनों से ज्यादा सेव नहीं रख सकती हैं. साथ ही इसके लिए NIC ऐसी विभिन्न एजेंसियों की एक लिस्ट भी तैयार करनी होगी.

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