भ्रष्टाचार पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 600 अधिकारियों को किया जबरन रिटायर

योगी सरकार की इस कार्रवाई से वहां की आवाम में तो खुशी की लहर है लेकिन अधिकारियों की प्राण हलक में आ गए हैं. अभी तक इतने बड़े पैमाने में किसी भी बड़ी प्रदेश ने कार्रवाई नहीं की है.

लखनऊ: भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 600 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायर कर दिया है. इतना ही नहीं 400 से अधिक अधिकारियों,कर्मचारियों को दंड दिया गया है. योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत इतनी बड़ी कार्रवाई की है.

योगी सरकार ने पिछले दो सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है, वह देश में अब तक किसी प्रदेश सरकार ने नहीं की है. इस कार्यवाही के अलावा डेढ़ सौ से अधिक अधिकारी अभी भी सरकार के रडार पर हैं. ये देश की पहली सरकार होगी जिसने 600 से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई कर एक नजीर पेश की है.

योगी सरकार ने इन अधिकारियों को दिखाया घर का रास्ता

1- योगी सरकार ने सबसे अधिक 51 लोगों को गृह विभाग से जबरन रिटायर किया है.
2- राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में 36 अधिकारियों कर्मचारियों को किया गया जबरन रिटायर.
3- श्रम विभाग में 16 लोगों को किया गया जबरन रिटायर.
4- वन विभाग में 11 लोगों को किया गया जबरन रिटायर.
5-संस्थागत वित्त वाणिज्य कर एवं मनोरंजन कर विभाग में 16 लोग भेजे गए घर.
6- दुग्ध विकास में सात लोगों को किया गया रिटायर.
7- चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग में 6 लोगों की छुट्टी.
8- खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में 3 लोग हुए जबरन रिटायर.
9- नगर विकास व आबकारी विभाग में पांच-पांच अधिकारी व कर्मचारी भ्रष्टाचार के आरोप में भेजे गए घर.
10- बाल एवं पुष्टाहार विभाग में दो लोग किए गए जबरन रिटायर.
11– प्राविधिक शिक्षा में दो लोग हुए जबरन रिटायर.
12- कारागार प्रशासन एवं सुधार में चार लोग हुए सेवा से बाहर.
13- बेसिक शिक्षा विभाग में आठ लोगों की परमानेंट छुट्टी.
14- लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल में दो लोग किए गए जबरन रिटायर.
15- आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में पांच लोग किए गए बर्खास्त.
16- भूतत्व एवं खनिकर्म में दो लोग किए गए जबरन रिटायर.
17- व्यवसायिक शिक्षा व कौशल विकास में तीन लोग भेजे गए घर.
18- युवा कल्याण विभाग में तीन लोगों की हुई परमानेंट छुट्टी.
19- ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में चार लोगों की हुई छुट्टी.
20- सैनिक कल्याण विभाग में एक. खेलकूद विभाग में एक.
21- आयुष विभाग में एक, पशुधन विभाग में एक, समाज कल्याण विभाग में एक,
22- खाद रसद विभाग में एक लोक निर्माण विभाग में एक, ग्राम विकास विभाग में एक.
23- पंचायती राज विभाग में एक लोगों को जबरन किया गया रिटायर.
24- कुछ विभागों में मिला कर्मचारियों अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में वृहद दंड यानि प्रमोशन पर भी होगी रोक.
25- सबसे अधिक ऊर्जा विभाग में 169 लोगों को मिला वृहद दंड.
26- बेसिक शिक्षा विभाग में 26 अधिकारियों कर्मचारियों को मिला दंड.
27- पंचायती राज विभाग में 25 अफसरों को बड़ा दंड.
28- ग्राम में विकास विभाग में 15 अफसरों को वृहद दंड.
29- दुग्ध विकास में 14 अधिकारियों कर्मचारियों को मिला वृहद दंड.
30- गन्ना विभाग में 11 लोगों को वृहद दंड.
31- लोक निर्माण में 18 अधिकारियों कर्मचारियों को मिला वृहद दंड.
32- परिवहन में 37 अधिकारियों कर्मचारियों को मिला वृहद दंड प्रमोशन में भी होगी बाधा.
33- खाद एवं रसद विभाग में 15 अधिकारियों को मिला वृहद दंड.
34- स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में सात अधिकारियों कर्मचारियों को मिला दंड.
35- भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में तीन अधिकारियों कर्मचारियों को मिला दंड.
36-  समाज कल्याण विभाग में पांच कर्मचारियों को मिला वृहद दंड.
37- नियुक्ति एवं कार्मिक में दो, ग्राम्य विकास में दो.
38- व्यवसायिक शिक्षा व कौशल विकास में दो.
39- प्राविधिक शिक्षा में दो, खादी ग्रामोद्योग में दो.
40- वित्त विभाग में तीन, राजस्व में तीन अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ में तीन कर्मचारियों को मिला वृहद दंड.

योगी सरकार की इस कार्रवाई से वहां की आवाम में तो खुशी की लहर है लेकिन अधिकारियों की प्राण हलक में आ गए हैं. अभी तक इतने बड़े पैमाने में किसी भी बड़ी प्रदेश ने कार्रवाई नहीं की है.