बाबरी विध्वंस: कल फैसला, आडवाणी समेत इन आरोपियों को मिल सकती है पेशी से छूट

दो सितम्बर से विशेष अदालत के जज सुरेंद्र कुमार यादव ने फैसला लिखना शुरू किया था. इस मामले में भाजपा , शिवसेना , विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के अलावा तमाम साधु संतों को भी अभियुक्त बनाया गया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:39 am, Tue, 29 September 20
बाबरी विध्वंस मामले में अदालत कल सुनाएगी फैसला

अयोध्या (Ayodhya) में विवादित ढांचा गिराए जाने के आपराधिक मामले में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत कल फैसला सुनाएगी. इस बहुप्रतीक्षित मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 अभियुक्तों को अदालत में हाज़िर रहने को कहा गया है.

हालांकि कोरोना के चलते कुछ अभियुक्त मौजूद ना रहे इसकी भी सम्भावना है. 32 में से कुछ आरोपी – जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी शामिल हैं को कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे सकती है. क्योंकि उनके वकील केके मिश्रा उम्र और कोरोनावायरस के खतरे का हवाला देते हुए छूट की मांग कर सकते हैं.

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वीडियो कांफ्रेंसिंग से बयान दर्ज करने की मिली थी इजाज़त

मामले की सुनवाई के दौरान, अदालत ने आडवाणी, जोशी और कई अन्य को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने बयान दर्ज करने की अनुमति दी थी. दो अन्य आरोपी – श्री राम जन्मभूमि तीरथ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और शिवसेना नेता सतीश प्रधान ने भी बुधवार को अदालत में पेश होने में असमर्थता जताई है.

वकील केके मिश्रा ने कहा कि मैं बुधवार को अपने क्लाइंट्स की स्थिति के बारे में अदालत को सूचित करूंगा. मैंने आडवाणी, जोशी और मेरे क्लाइंट्स को फैसले के दिन के बारे में सूचित किया है. वे उस दिन खुद अदालत में पेश होंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है. मिश्रा इस मामले में 32 आरोपियों में से 25 का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिनमें आडवाणी, जोशी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह शामिल हैं.

1 सितंबर को मामले में पूरी हुई थी सुनवाई

बीते एक सितंबर को तीन साल से रोज़ाना चल रही सुनवाई पूरी हुई थी. दो सितम्बर से विशेष अदालत के जज सुरेंद्र कुमार यादव ने फैसला लिखना शुरू किया था. इस मामले में भाजपा, शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के अलावा तमाम साधु संतों को भी अभियुक्त बनाया गया था. कुल 49 अभियुक्तों के खिलाफ सीबीआई ने जांच के बाद 5 अक्टूबर 1993 को आरोप पत्र दाखिल किया था.

लगभग 28 साल के बाद 17 अभियुक्तों की मौत हो चुकी है, बाकी सभी 32 अभियुक्तों को विशेष अदालत ने हाज़िर रहने को कहा है. 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में कुल 49 पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

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इन अभियुक्तों को हाज़िर होने का आदेश

जिन अभियुक्तों को अदालत में उपस्थित रहने को कहा गया है उनके लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास, महंत धर्मदास, राम विलास वेदांती, चम्पत राय, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह जैसे नाम शामिल है. इनमें कल्याण सिंह, उमा भारती, लल्लू सिंह कोरोना पीड़ित हैं, जबकि महंत नृत्यगोपाल होम अब्ज़र्ववेशन में हैं.