अब सरकारी मुआवजे के लिए दिखाना होगा ये डॉक्यूमेंट

गृह मंत्रालय ने कहा कि यह अधिसूचना असम और मेघालय को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा.

गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि अब सांप्रदायिक हिंसा या आतंकवादी हमले के पीड़ितों को सरकारी मुआवजा पाने के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य होगा. अगर किसी पीड़ित के पास आधार नहीं है, तो उन्हें आधार के लिए आवेदन देना होगा और आधार नंबर दिखाना होगा. इस अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्रीय नागरिक पीड़ित सहायता योजना / आतंकवादियों हमले के पीड़ितों के परिवार / सांप्रदायिक / एलडब्ल्यूई हिंसा और भारतीय सीमा पर गोलीबारी व खदान / आईईडी विस्फोट में पीड़ित व्यक्ति को सरकारी मुआवजा पाने के लिए आधार देना होगा.

गृह मंत्रालय ने कहा कि यह अधिसूचना असम और मेघालय को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा. क्योंकि अभी असम और मेघालय में सभी नागरिकों को आधार नहीं दिया गया है.

अधिसूचना के अनुसार, जब तक लाभार्थी को आधार नंबर नहीं मिला हो, तो वह आधार नामांकन पहचान पर्ची और मतदाता पहचान पत्र के साथ कोई एक- बैंक या डाकघर पासबुक, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, किसान फोटो पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस या मनरेगा जॉब कार्ड दिखा सकते हैं.

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