पाकिस्तान के सहयोग न देने से आतंकी हमलों के पीड़ितों को अब तक नहीं मिला न्याय: भारत

भारतीय विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हमें अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में कमियों को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि आतंकवाद के अपराधियों को सजा मिल सके."

विजय ठाकुर सिंह
विजय ठाकुर सिंह

भारत का कहना है कि पाकिस्तान के सहयोग न देने वाले रवैये के चलते अब तक 2008 मुंबई हमले और 2016 पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है. सोमवार को आतंकवाद के पीड़ितों के मित्र समूह की मंत्रिस्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि विश्व समुदाय को आतंकवाद के पीड़ितों के अधिकारों से नजर नहीं फेरनी चाहिए और उन्हें न्याय दिलाना चाहिए.

इस वर्चुअल मीटिंग का आयोजन अफगानिस्तान और स्पेन के विदेश मंत्रियों, समूह के सह-अध्यक्षों और संयुक्त राष्ट्र काउंटर-टेररिज्म (UNOCT) ने किया था. इस मौके पर भारतीय विदेश मंत्रालय की सचिव ने कहा, “मैं उदाहरण के तौर पर बताना चाहूंगी कि 2008 मुंबई आतंकी हमले और 2016 पठानकोट आतंकी हमले के पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है. इसकी वजह है एक देश का सहयोग न देना और उस देश की न्याय दिलाने की इच्छा न होना.”

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हालांकि विजय ठाकुर सिंह ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर से पाकिस्तान की ओर था. भारतीय अधिकारियों ने इन दोनों आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आगे कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हमें अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में कमियों को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि आतंकवाद के अपराधियों को सजा मिल सके.”

उन्होंने आगे कहा, “आतंकवादी अपने नापाक उद्देश्यों को हासिल करने में कभी सफल नहीं हो सकते, लेकिन वे मौत और विनाश के निशान छोड़ देते हैं. यहां तक ​​कि मौजूदा महामारी के बीच भी आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है.”

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