‘बीवी और बच्चों के पैसों पर जिंदगी काट रहा विजय माल्या’

शराब कारोबारी विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का करोड़ों रुपये का कर्ज है. बैंकों को पैसे दिए बिना ही वो भारत से भाग कर लंदन चला गया और वहां पर रहने लगा.

लंदन. कभी आलिशान जिंदगी जीने वाले भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन हाई कोर्ट को बुधवार को हुई सुनवाई में बताया कि वह दिवालिया हो गया है और जीवनयापन के लिए उसे अपनी पत्नी, पर्सनल असिस्टेंट, परिचित कारोबारियों और अपने बच्चों पर निर्भर होना पड़ रहा है. बता दें कि, भारतीय बैंकों से लोन लेने के बाद चुकता न करने वाले विजय माल्या ने 26 मार्च को एक ट्वीट कर कहा था कि, मुझसे पैसे ले लो, लेकिन जेट को बचा लो.

13 बैकों का 11,000 करोड़ रुपये विजय माल्या के पास फंसा है. इसको लेकर 11 सितम्बर 2018 को इन बैंकों ने विजय माल्या के खिलाफ बैंकरप्ट्सी याचिका दायर की थी. इस याचिका पर दिसंबर 2019 में सुनवाई होनी है. बैंकों की इसी याचिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में माल्या ने बताया कि उसकी “पार्टनर/पत्नी पिंकी लालवानी” एक साल में लगभग 1.35 करोड़ रुपये से अधिक कमाती हैं. साथ ही माल्या ने ये भी बताया कि उसके पास व्यक्तिगत संपत्ति में केवल 2,956 करोड़ रुपये बचे हैं. जो उसने बैंकों से सेटलमेंट के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने पेश कर दिए हैं. बैंकों ने माल्या के इस जवाब से लंदन हाई कोर्ट को अवगत कराया है.

माल्या ने लंदन कोर्ट को बताया कि उसके निजी सचिव मिस्टर महाल ने उन्हें 75.7 लाख और परिचित बिजनेसमैन मिस्टर बेदी ने 1.15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए हैं, जिससे कि उसके खर्चे और टैक्स का भुगतान होता है. कोर्ट में माल्या के वकील ने बताया कि माल्या अपने गुजारे भत्ते को 16.21 लाख रुपए प्रति हफ्ते  से घटाकर 26.57 लाख रुपए प्रतिमाह करने को तैयार है.

बुधवार को लंदन हाई कोर्ट में भारतीय बैंकों की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें बैंकों ने यूके स्थित आईसीआईसीआई बैंक में माल्या के करंट अकाउंट पर कब्जा करने की अपील की थी. बेंगलुरु डीआरटी ने अपने आदेश में बैंकों को अनुमति दी है, जिसके आधार पर बैंकों ने लंदन हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.

माल्या ने संपत्ति जब्ती का विरोध किया था
विजय माल्या की संपत्ति जब्ती के विरोध में इसी सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में उनकी ओर से दलील दी गई थी. माल्या की संपत्ति भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (एफईओए)-2018 के तहत जब्त की गई थी. इस कानून को कठोर कानून करार देते हुए माल्या के वकील ने कहा कि इस कदम से कर्जदाताओं (क्रेडिटर्स) को राहत नहीं मिलेगी. माल्या के वकील अमित देसाई ने न्यायमूर्ति आई. ए. महंती और न्यायमूर्ति ए.एम. बदर के समक्ष दलील पेश करते हुए था कहा कि माल्या की संपत्ति जब्त करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की योजना से कर्जदाताओं को कोई लाभ नहीं होगा.