विकास दुबे एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम वैसा ही कुछ करेंगे जैसा तेलंगाना मामले में किया था

तेलंगाना पुलिस ने बालात्कार के चार दोषियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. तब भी पुलिस ने कहा था कि आरोपी हथियार छीनकर भाग रहे थे और मजबूरन पुलिस को गोली चलानी पड़ी.
Vikas Dubey encounter case, विकास दुबे एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम वैसा ही कुछ करेंगे जैसा तेलंगाना मामले में किया था

सुप्रीम कोर्ट पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर विकास दुबे और उनके साथियों का कानपुर पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर की जांच के लिए एक रिटायर जज की अध्यक्षता में एक पैनल नियुक्त कर सकता है, साथ ही कुछ दिनों पहले आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए भी ऐसा ही ऐलान कर सकता है.

दोनों घटनाओं की अदालत की निगरानी में CBI या NIA से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिकाओं का जवाब देते हुए, अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को गुरुवार तक अदालत को यह बताने के लिए कहा है कि वह “किस तरह की समिति” चाहती है. मामले में अगली सुनवाई सोमवार, 20 जुलाई को होगी.

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चीफ जस्टिस ने तेलंगाना में बलात्कार के चार दोषियों के एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा, “हम कुछ वैसा ही करेंगे जैसा हमने तेलंगाना मामले में क्या किया था. हमें बताएं कि आप किस तरह की समिति चाहते हैं.” मालूम हो कि तेलंगाना पुलिस ने कहा था कि हिरासत में लिए गए चार लोगों ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी और पुलिस पर हुए हमले के जवाब में पुलिस को उनपर गोली चलानी पड़ी.

इसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता में एक पैनल गठित की. पैनल ने कोरोनवायरस के प्रकोप के कारण अभी तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है. इसी बीच योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्य की ओर से जवाब तैयार करने के लिए और समय मांगा.

यूपी पुलिस ने कही बिल्कुल तेलंगाना पुलिस जैसी बात

उन्होंने मंगलवार को कहा, “कृपया मुझे समय दें. हमने मामले का संज्ञान लिया है, लेकिन बहुत सारे तथ्य सार्वजनिक क्षेत्र में हैं. मुझे अदालत के सामने यूपी सरकार से अपने सभी तथ्य रखने के लिए समय चाहिए.” विकास दुबे, जो कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी था, को शुक्रवार को एनकाउंटर में मार गिराया गया. पुलिस का कहना है कि वह एक कार दुर्घटना का फायदा उठाकर पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, इसलिए पुलिस को मजबूरन उस पर गोली चलानी पड़ी.

तेलंगाना एनकाउंटर की तरह ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि दुबे पुलिस से हथियार छीन कर भागा था. उसे पकड़ने के कई प्रयास किए गए, लेकिन विफल होने के बाद गोली चलाई गई. हालांकि, पुलिस की इस थ्योरी पर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका अब तक पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है. यूपी सरकार ने पहले ही इस घटना की जांच के लिए एक सदस्यीय स्वतंत्र आयोग नियुक्त कर दिया है. इसमें एक रिटायर जज होंगे और दो महीने के भीतर एक रिपोर्ट पेश करेंगे.

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