Encounter के डर से की फायरिंग, पुलिसवालों के शव जलाने को लाए थे डीजल- पूछताछ में विकास ने बताया

विकास दुबे (Vikas Dubey) ने यह भी बताया कि चौबेपुर (Chaubepur) के अलावा कई थानों में उसके मददगार थे. उसने कहा, "मैंने सभी साथियों को अलग-अलग भागने को कहा था. एनकाउंटर के डर से हमने फायरिंग की." 
Vikas Dubey told in police interrogation, Encounter के डर से की फायरिंग, पुलिसवालों के शव जलाने को लाए थे डीजल- पूछताछ में विकास ने बताया

कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) में आठ पुलिसवालों की जान लेने वाला मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) सात दिन बाद अब पुलिस की हिरासत में है. इस बीच पुलिस पूछताछ में विकास ने खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. पूछताछ में उसने कबूला कि उसे पुलिस के आने की जनकारी पहले ही मिल गई थी.

पुलिस पूछताछ में विकास दुबे ने क्या-क्या कहा?

  • पुलिसकर्मियों के शव जलाने के लिए तेल लाए थे.
  • शवों को जलाकर सबूत मिटाने की योजना थी.
  • हमें खबर थी कि पुलिस सुबह आएगी.
  • पुलिस सुबह की बजाय रात में ही रेड करने आ गई.

चौबेपुर के अलावा कई थानों में थे मददगार

विकास दुबे ने यह भी बताया कि चौबेपुर के अलावा कई थानों में उसके मददगार थे. उसने कहा, “मैंने सभी साथियों को अलग-अलग भागने को कहा था. एनकाउंटर के डर से हमने फायरिंग की.”

“सीओ टाइट है”

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि CO देवेंद्र मिश्रा (Devendra Mishra) की पोस्टिंग होने के बाद से विकास पर शिकंजा कसने लगा था. इतना ही नहीं तत्कालीन SO विनय तिवारी ने विकास को देवेंद्र मिश्रा के बारे में बताया था, “सीओ टाइट है.” साथ ही पता लगा कि सीओ देवेंद्र मिश्रा विकास दुबे के अवैध शराब और पुराने मुकदमों की समीक्षा के बारे में अधिकारियों को पत्र भी लिखने वाले थे.

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“चौबेपुर पुलिस का था घर आना-जाना”

पूछताछ में विकास दुबे ने उगला है कि कानपुर के चौबेपुर, शिवराजपुर और कानपुर देहात के शिवली थानों के अफसरों से उसकी अच्छी पैठ थी. अक्सर विकास के घर पर चौबेपुर पुलिस का आना-जाना होता था.

“पुलिस ने दी थी दबिश की जानकारी”

विकास का कहना है कि दबिश की जानकारी भी पुलिस के जरिए ही विकास को मिली थी. फायरिंग करने के बाद पुलिसकर्मियों को इकठ्ठा किया गया था और घर के बग़ल में कुंए के पास एक के ऊपर एक बॉडी डाल दी गई थीं, जिसके बाद डीजल डालकर उन्हें जलाने की योजना थी.

“दबिश देने आ रही थी तीन थानों की पुलिस”

विकास ने बताया कि जो सूचना मिली थी उस हिसाब से तीन थानों की पुलिस दबिश देने आ रही थी. उसने उन सब पर निशाना साधने के लिए छतों पर अपने गैंग के लोगो को तैनात किया था. जब पुलिस आई तो गांव के मुखबिर ने फोन करके जानकारी दी कि पुलिस की गाड़ियां गांव में आ चुकी हैं और फिर वो अलर्ट हो गया. लगभग 11 बजे उसने जेसीबी गांव के रास्ते की ओर लगा दी थी.

बैकअप टीम के आने पर सब हुए फरार

विकास को अंदाजा था कि पुलिस का बैकअप सुबह 4 बजे से पहले नहीं आएगा, लेकिन दबिश में बचे हुए पुलिसकर्मियों ने दबिश की जानकारी अफसरों को पहुंचा दी थी और वायरलेस पर मैसेज करने के बाद बैकअप टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई थी. ऐसे में विकास ने सबको भाग जाने को कहा लेकिन रणनीति के तहत सब अलग-अलग भागे थे.

पुलिस से लूटे हथियारों की देगा जानकारी

गैंगस्टर ने पुलिस से लूटे हुए हथियारों के बारे में भी बताया है. उसने कहा, “जिस जगह हथियार हैं वो उस जगह को दिखा सकता है.” हालांकि सूत्रों ने बताया कि उसने जगह का नाम नहीं बताया है. साथ ही पुलिस विकास को रिमांड पर लेकर कानपुर में सबूत ढूंढने जाएगी.

खुन्नस में कटवाया सीओ का पैर

विकास दुबे के एक पैर में दिक्कत थी, जिससे वो हल्का लंगड़ा कर चलता था. सीओ देवेंद्र मिश्रा चौबेपुर के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी से कहते थे, “इसका एक पैर खराब है दूसरा और तोड़ना है”. विनय तिवारी में ये बात विकास को बताई थी, जिस कारण खुन्नस में उसने सीओ का पैर कटवाया था.

‘मंदिर में बैठ कर मैं बहुत रोया’

विकास ने कहा कि हम सबूतों को मिटाने के लिए पुलिसवालों को जलाना चाहते थे, लेकिन टीम आने के वजह से मैं और सभी साथी अलग-अलग फरार हो गए. उसने कहा, “मुझे किए पर अफसोस है, लेकिन मुझे गोली चलाने पर मजबूर किया गया था. मैं मंदिर के परिसर में बैठ कर बहुत रोया हूं.”

सीओ से हो चुकी थी कई बार बहस

विकास ने कहा कि देवेंद्र मिश्र से मेरी नहीं बनती थी. कई बार वो मुझे देख लेने की धमकी भी दे चुके थे. पहले भी हमारी बहस हो चुकी थी. विनय तिवारी ने भी बताया था कि सीओ तुम्हारे खिलाफ है. लिहाजा मुझे सीओ पर ग़ुस्सा था.

“CO को मैंने नहीं मारा”

उसने कहा कि सीओ को सामने के मकान में मारा गया था, लेकिन मैंने उन्हें नहीं मारा. मेरे साथ के आदमियों ने दूसरी तरफ से कूदकर मामा के मकान के घर के आंगन में उन्हें मारा था और पैर पर भी वार किया था. दुबे ने बताया कि सीओ का गला नहीं काटा था. गोली सिर के पास में मारी गई थी, इसलिए आधा चेहरा फट गया था.

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