PUBG गेम की लत से परेशान पिता ने बेटे को भेजा था शूटिंग ट्रेनिंग सेंटर, अब देश के लिए जीता रजत पदक

दिव्यांश दिनभर पबजी ही खेलता रहता था. दिव्यांश के पिता इस बात से बेहद दुखी रहते थे. कई बार उसके पिता ने समझाया भी लेकिन वो नहीं माना.

जयपुर: पबजी गेम के बारे में खूब सुना होगा. इस गेम की लत की वजह से कई लोगों की जान चली गई हैं और कई लोग इससे बुरी तरह प्रभावित भी हुए हैं. भारत के कई प्रदेशों की हाईकोर्टों ने इसको बैन भी कर दिया है. लेकिन एक युवक को इसकी ऐसी लत लगी की वो शूटिंग में ही रजत पदक जीत लाया.

राजस्थान के दिव्यांश पंवार ( Divyansh Panwar ) ने शूटिंग के विश्वकप 2019 में चीन को हराकर मेडल हासिल किया है. इतना ही नहीं ओलंपिक 2020 के लिए 10 मीटर राइफल वर्ग में क्वालिफाई भी कर लिया है. दिव्यांश ने चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित राइफल एंड पिस्टल वर्ल्ड कप ( ISSF Shooting World Cup in beijing ) में शुक्रवार को रजत पदक जीता है. चीन के हुई जिचेंग को हराकर दिव्यांश ने यह कामयाबी प्राप्त की है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि दिव्यांश को पबजी गेम की बुरी तरह लत लग गई थी. इस बात से उसके घर वाले बहुत परेशान रहते थे. दिव्यांश दिनभर पबजी ही खेलता रहता था. दिव्यांश के पिता इस बात से बेहद दुखी होते थे. कई बार उसके पिता ने समझाया भी लेकिन वो नहीं माना.

दिव्यांश के पिता अशोक पंवार बताते हैं कि दिव्यांश को शूटिंग का बचपन से ही शौक था. यही वजह है कि वह महज 14 साल की उम्र में ही ऑनलाइन गेम पबजी खेलने की लत का शिकार हो गया था. PUBG खेलने के चक्कर में पढ़ाई पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था.

दिव्यांश की PUBG की लत छुड़वाने के लिए पिता ने इसे दो साल पहले दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कोच दीपक कुमार दुबे के पास प्रशिक्षण के लिए भेज दिया था. अब उसी पबजी लवर ने चीन में पदक जीता है. क्वालीफिकेशन में 629.2 अंक हासिल किए और फाइनल के तीसरे-अंतिम शॉट में 10.9 का स्कोर किया.

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