Doctors Strike LIVE: मिदनापुर के अस्पताल में नवजात की मौत, अब ममता बनर्जी घायल डॉक्टर से मिलने जाएंगी अस्पताल

डॉक्टरों से हुई मारपीट और अपनी सुरक्षा के लेकर जारी हड़ताल को आज पांचवां दिन हो गया है लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला है.

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में साथी डॉक्टरों पर हमलों के खिलाफ और उपयुक्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल लगातार पांचवें दिन शनिवार को भी जारी है. शनिवार को मिदनापुर जिला अस्पताल में एक नवजात बच्चे की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों और हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों के बीच जम कर झड़प हो गई.

इस बीच  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घायल डॉक्टर से मिलने के लिए अस्पताल जाने का निर्णय ले लिया है.

शुक्रवार को करीब 700 सरकारी डॉक्टर्स ने हड़ताल कर रहे साथी डॉक्टर्स के साथ एकजुटता दिखाते हुए इस्तीफा दे दिया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने शुक्रवार को बताया कि सोमवार को पूरे देश में हड़ताल की जाएगी और डॉक्टरों से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करने का आग्रह भी किया. 

इसके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, AIIMS ने कहा है कि हम पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं. अगर मांगे नहीं मानी गई तो AIIMS में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी. 

बता दें कि,  शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन तब शुरू हो गया, जब सोमवार देर रात कोलकाता के राजकीय एनआरएस अस्पताल में एक 75 वर्षीय मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा कथित रूप से एक जूनियर डॉक्टर की पिटाई की गई.  इस घटना के बाद राज्य के अधिकांश सरकारी अस्पतालों ने काम करना बंद कर दिया.

पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में देशभर में चिकित्सकों द्वारा एकजुटता दिखाए जाने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को सरकार से ऐसा कानून पारित कराने का अनुरोध किया, जिसके तहत डॉक्टरों पर हमला गैर-जमानती अपराध माना जाए.

infant death doctors strike, Doctors Strike LIVE: मिदनापुर के अस्पताल में नवजात की मौत, अब ममता बनर्जी घायल डॉक्टर से मिलने जाएंगी अस्पताल
एम्स में डॉक्टर्स ने हेलमेट पहन कर मरीजों का इलाज किया.

सोमवार को डॉक्टर्स की देश भर में हड़ताल

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हुई हिंसा के खिलाफ IMA भी हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स के समर्थन में आ गया है. IMA ने देश के 19 राज्यों के डॉक्टरों ने साथ मिलकर 17 जून को देश भर में हड़ताल का आह्वाहन किया है. IMA ने सोमवार को ओपीडी सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गैर-जरूरी सेवाओं को रोक देने का आह्वान किया है. ये हड़ताल सुबह 6 से अगले दिन सुबह 6 बजे तक की जाएगी. सभी आपातकालीन सेवाएं कार्य जारी रखेंगी.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार ने पिछले साल मुस्लिम छात्रों को दी 80% स्‍कॉलरशिप, हिंदुओं को सिर्फ 5 प्रतिशत

माफी मांगे ममता बनर्जी: डॉक्टर्स 

हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य सचिवालय में बैठक के निमंत्रण को ठुकरा दिया, जिसे गतिरोध को हल करने के लिए बुलाया गया था, और शनिवार को लगातार पांचवें दिन अपना विरोध जारी रखा. डॉक्टरों ने शुक्रवार को बनर्जी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा और अपनी हड़ताल को वापस लेने के लिए राज्य सरकार के सामने छह शर्तें रखीं. जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मंच के प्रवक्ता अरिंदम दत्ता ने कहा, “हम बैठक के लिए मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर सचिवालय नहीं जा रहे हैं. उन्हें नील रतन सिरकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आना होगा और एसएसकेएम अस्पताल में की गई टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगनी होगी.” दत्ता ने कहा, “अगर वह एसएसकेएम में जा सकती है तो वह एनआरएस में भी आ सकती है. अगर नहीं तो ये आंदोलन चलता रहेगा.”

सीएम बनर्जी ने गुरुवार को राजकीय एसएसकेएम अस्पताल का दौरा किया था. उन्होंने वहां कहा था कि बाहरी लोग मेडिकल कॉलेजों में गड़बड़ी पैदा कर रहे हैं और चल रहे आंदोलन सीपीआई-एम और भाजपा द्वारा एक साजिश है.

infant death doctors strike, Doctors Strike LIVE: मिदनापुर के अस्पताल में नवजात की मौत, अब ममता बनर्जी घायल डॉक्टर से मिलने जाएंगी अस्पताल
IMA स्टूडेंट्स का प्रदर्शन.

ममता बनर्जी के सामने रखीं छह शर्ते

डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने के लिए ममता बनर्जी के सामने माफी मांगने समेत छह शर्तें रखी. इनमें ममता का एनआरएस अस्पताल आकर उनसे मिलना, हमले में जख्मी डॉक्टर परिबाह मुखर्जी को देखने जाना, एसएसकेएम अस्पताल में दिए गए बयान को वापस लेना एवं अस्पतालों में डॉक्टरों की पर्याप्त सुरक्षा का लिखित रूप से आश्वासन देना प्रमुख हैं. इसबीच राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मसले पर विचार-विमर्श करने के लिए शुक्रवार देर शाम राजभवन बुलाया.

ये भी पढ़ें: नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, बिहार में अब 60 साल के बुजुर्गों को मिलेगा पेंशन

हड़ताल के चलते कई मरीजों की मौत 

डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते पश्चिम बंगाल में अब तक 28 मरीजों की मौत हो चुकी है. इन मृतकों में तीन बच्चे भी हैं. इसके बावजूद डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है. डॉक्टर्स ने काम पर जाने से इनकार कर दिया है. राज्य के अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा बंद है, मरीजों की ऑक्सीजन भी नहीं दिया जा रहा है. इन सबके बीच बढ़ती मौतों के आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

डॉक्टरों पर हमला गैर-जमानती अपराध माना जाए- हर्षवर्धन

पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में देशभर में चिकित्सकों द्वारा एकजुटता दिखाए जाने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को सरकार से ऐसा कानून पारित कराने का अनुरोध किया, जिसके तहत डॉक्टरों पर हमला गैर-जमानती अपराध माना जाए. उन्होंने ट्वीट किया, “पश्चिम बंगाल ही नहीं, समूचे भारत में डॉक्टरों पर हमले जैसा जघन्य अपराध बार-बार होता है. सरकार को ऐसा कानून पारित कराना चाहिए, जिसके तहत डॉक्टरों पर किसी तरह का हमला गैर-जमानती अपराध माना जाए और अपराधी को कम से कम 12 साल कैद की सजा हो. ड्रैकोनियन क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट जो डॉक्टरों के साथ अपराधी जैसा व्यवहार करता है, उसे वापस लिया जाना चाहिए.”