EXCLUSIVE : ‘ममता बनर्जी आयरन लेडी’, CM की तारीफ कर बोले WB गवर्नर- मैं भी कोई पोस्ट ऑफिस नहीं

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने कहा कि ममता बनर्जी एक आयरन लेडी हैं मगर "वह एक उदाहरण नहीं दिखा सकतीं जहां मैं संवैधानिक रूप से गलत था."

पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ साफ कहते हैं कि वे रबर स्‍टैंप नहीं हैं. विधानसभा से SC/ST बिल पर राज्‍यपाल ने साइन नहीं किए हैं. उन्‍होंने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा, “मैं कोई पोस्ट ऑफिस नहीं हूं… मैं कोई रबर स्‍टैंप नहीं हूं… मैं आंख मूंदकर हस्ताक्षर नहीं करूंगा. सरकार को यह समझने दो. एक तरफ मैं बिल में देरी नहीं करूंगा, लेकिन आंख मूंदकर हस्ताक्षर नहीं करूंगा.” दो दिन पहले, लिलुआ में उन्‍हें काले झंडे दिखाए गए. ये झंडे दिखाने वाले कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थे.

धनखड़ और तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच कई मुद्दों पर तनातनी रही है. इसके बावजूद, वे मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को ‘आयरन लेडी’ मानते हैं. राज्‍यपाल ने टीवी9 भारतवर्ष से कहा, “मैं सुझाव देता हूं कि वह (ममता) लड़ाई नहीं लड़ें, बल्कि हल निकालें. मैं उन्‍हें सलाह देता हूं कि वे यह सब व्यक्तिगत रूप से ना लें. मैं उनकी और उनकी ताकत की प्रशंसा करता हूं. वह एक लौह महिला है. मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से चीजों को देखने का अनुरोध करता हूं. वह एक उदाहरण नहीं दिखा सकतीं जहां मैं संवैधानिक रूप से गलत था.”

5 दिसंबर को विधानसभा का VIP गेट गवर्नर के लिए नहीं खोला गया था. राज्‍यपाल ने स्‍पीकर को पहले ही अपने दौरे के बारे में बताया था. बाद में राज्‍यपाल को मजबूरन गेट नंबर 4 से भीतर जाना पड़ा था. तब धनखड़ ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन’ बताया था. उन्‍होंने टीवी9 भारतवर्ष से कहा, “राज्यपाल का कर्त्तव्य है कि वो विधानसभा को देखे. मैंने स्पीकर को संदेश दिया था कि मैं कल (5 दिसंबर) विधानसभा आऊंगा और उनको समय भी बता दिया था. जो गेट अधिकतर मुख्यमंत्री, स्पीकर और गवर्नर के लिए होता है वो भी वर्किंग ऑवर में लॉक था.”

TMC मंत्रियों की बयानबाजी पर राज्‍यपाल ने कहा, “कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी उम्मीद नहीं है. पार्थ चटर्जी पहले इंसान हैं जिन्होंने गवर्नर को ‘पर्यटक’ कहा, पार्थ चटर्जी ने मुझे चिड़ियाघर जाने की सलाह दी, मैं उनकी सलाह मान लूंगा.”

गवर्नर मानते हैं कि मंत्रियों के बयानों के पीछे ममता का हाथ है. उन्‍होंने कहा, “जब राम मंदिर का फैसला आया तो हम सभी खुश थे लेकिन ममता बनर्जी ने पार्टी से प्रतिक्रिया नहीं करने को कहा. इसका मतलब है कि वह अपनी पार्टी के कुल नियंत्रण में हैं. इसलिए मैं यह सोचता हूं कि अगर वरिष्ठ मंत्री ढीले हैं तो यह मुख्यमंत्री के निर्देशन में है.”

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